ब्यूरो तुर्रम सिंह
सकीट/एटा। श्री मनकामेश्वर रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला के अंतिम दिन अहिरावण वध, नारांतक वध और श्रीराम-रावण युद्ध की लीलाओं का मंचन किया गया। अंत में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। रावण वध होते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद माता सीता और भगवान श्रीराम के मिलन और अयोध्या वापसी की लीला का भावपूर्ण मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। अंत में आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। रामलीला ने लोगों को सत्य, धर्म, मर्यादा और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।