जिलाबदर राकेश उर्फ कालिया के आरोपों पर सवाल,जैथरा पुलिस की सख्ती से मचा हड़कंप
जिलाबदर राकेश उर्फ कालिया के आरोपों पर सवाल,जैथरा पुलिस की सख्ती से मचा हड़कंप

12 Sep 2026 |   32



ब्यूरो तुर्रम सिंह 

जैथरा/एटा। थाना जैथरा क्षेत्र में पुलिस की सख्ती को लेकर जहां आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में बेचैनी की चर्चाएं हैं,वहीं जिलाबदर राकेश उर्फ कालिया द्वारा थाना प्रभारी पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।इस बीच अपर जिलाधिकारी प्रशासन के न्यायालय से जारी बीते माह 28 अप्रैल के अंतिम आदेश में राकेश उर्फ कालिया के विरुद्ध दर्ज कई आपराधिक मुकदमों और पुलिस आख्या का विस्तृत उल्लेख सामने आया है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन के न्यायालय में वाद संख्या 143/2026, कंप्यूटरीकृत वाद संख्या D202618210000143, उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3/4 के अंतर्गत पारित आदेश में पुलिस आख्या के आधार पर राकेश उर्फ कालिया पुत्र ओमप्रकाश, निवासी शास्त्री नगर, थाना जैथरा, जनपद एटा को आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा बताया गया है। आदेश में पुलिस की ओर से कहा गया कि उसके कथित आपराधिक कृत्यों से स्थानीय जनता में भय का वातावरण बना रहता है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन के आदेश में पुलिस आख्या के आधार पर राकेश उर्फ कालिया के विरुद्ध निम्न मुकदमों का उल्लेख किया गया है। मु.अ.सं. 136/2025 — धारा 115(2), 117(2), 191(2), 324(4), 351(3), 352 बीएनएस, थाना जैथरा। मु.अ.सं. 216/2023 — धारा 323, 504, 506 भादवि, थाना जैथरा। मु.अ.सं. 413/2022 — धारा 406, 506 भादवि, थाना जैथरा। मु.अ.सं. 321/2015 — धारा 394 भादवि, थाना जैथरा। मु.अ.सं. 309/2015 — धारा 392 भादवि, थाना जैथरा।इसके अतिरिक्त आदेश में 9 सितंबर 2025 की बीट सूचना रिपोर्ट संख्या 041 का भी उल्लेख किया गया है।

आदेश के अनुसार पुलिस आख्या के आधार पर कार्यवाही शुरू होने के बाद राकेश उर्फ कालिया को नोटिस जारी किया गया। कालिया के अधिवक्ता की ओर से 9 अप्रैल 2026 को जवाब दाखिल किया गया,जिसमें मुकदमों को कथित रूप से राजनीतिक रंजिश के कारण दर्ज कराया जाना बताया गया। आदेश में इस पक्ष का भी उल्लेख किया गया है।
इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों,पुलिस आख्या और पक्षकारों के तर्कों का अवलोकन करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन के न्यायालय ने प्रकरण पर निर्णय किया। आदेश में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 2(ख) में वर्णित प्रावधानों के संदर्भ में भी आपराधिक गतिविधियों का परीक्षण किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान थानाध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जा रहा है।पुलिस की सक्रियता से पहले की अपेक्षा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगा है और अपराधी तत्वों में कार्रवाई का भय दिखाई दे रहा है।हालांकि राकेश उर्फ कालिया द्वारा थानाध्यक्ष के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को भी निष्पक्ष जांच के दायरे में देखा जाना चाहिए। किसी भी पक्ष के आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।

लोग चाहते हैं अपराध पर सख्ती,मगर निष्पक्षता के साथ।
जैथरा के स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के विरुद्ध कानून के दायरे में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम नागरिक भयमुक्त वातावरण में रह सकें। साथ ही पुलिस अधिकारियों पर लगाए जाने वाले आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है, जिससे वास्तविकता सामने आए और कानून व्यवस्था पर जनता का विश्वास और मजबूत हो।

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