ब्यूरो तुर्रम सिंह
एटा।उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तहसील जलेसर क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने आधी रात को तगड़ा प्रहार किया,जिससे खनन सिंडिकेट की नींद उड़ गई। कोतवाली जलेसर के ग्राम नूंहखास में चल रहे अवैध मिट्टी खनन पर उप जिलाधिकारी पीयूष रावत के निर्देशन और तहसीलदार संदीप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सुनियोजित छापेमारी कर सीधा वार किया।कार्रवाई के दौरान मौके से एक जेसीबी और एक डंपर (UP-85-BT-4385) को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ अन्य डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके से फरार हो गए,लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पहचान कर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मध्य रात्रि में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई 4 मई की मध्य रात्रि को की गई,जो न केवल त्वरित प्रशासनिक प्रतिक्रिया का उदाहरण है,बल्कि अवैध खनन के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति के कड़े क्रियान्वयन का भी प्रमाण है।उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व ही स्थानीय स्तर पर अवैध खनन की आशंका जताई गई थी, जिस पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए बिना विलंब कठोर कदम उठाया।अवैध खनन माफिया लंबे समय से रात के अंधेरे में सक्रिय होकर किसानों की उपजाऊ भूमि को क्षति पहुंचा रहे थे और राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे। प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि अब कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई राहत नहीं होगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
अवैध खनन में लिप्त किसी भी व्यक्ति,वाहन या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।दिन हो या रात हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।जब्ती,जुर्माना और आपराधिक मुकदमा तीनों स्तरों पर सख्त कार्रवाई तय है।
अब बड़ा सवाल
जो खनन माफिया मौके से भाग निकले,क्या वे फिर सक्रिय होने की कोशिश करेंगे या प्रशासन की यह कड़ी चेतावनी उनके अवैध कारोबार पर पूर्ण विराम लगाएगी।स्वराज सवेरा इस पूरे घटनाक्रम पर सतत निगरानी बनाए हुए है और जनहित से जुड़े हर मुद्दे को बेबाक तरीके से उजागर करता रहेगा।