जलेसर तहसील प्रशासन की बेबाक कार्रवाई,अवैध मिट्टी खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ मध्यरात्रि छापेमारी,
माफिया के दबाव को ठेंगा दिखाकर पकड़े गए जेसीबी-ट्रैक्टर-ट्रॉली और ओवरलोडेड ट्रक
ब्यूरो तुर्रम सिंह
एटा।जिले की जलेसर तहसील में अवैध मिट्टी खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी और प्रभावी कार्यवाही की है। उपजिलाधिकारी भावना विमल के निर्देशन और मजबूत नेतृत्व में तहसीलदार संदीप सिंह और नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल की संयुक्त टीम ने मध्यरात्रि में की गई छापेमारी में खनन माफियाओं की कमर तोड़ दी।
मध्यरात्रि में टीम ने की छापेमारी
बीती मध्यरात्रि में टीम ने सबसे पहले सालवाहन गांव के खेतों में छापा मारा,जहां अवैध मिट्टी खनन का सिलसिला चल रहा था।मौके पर एक जेसीबी मशीन सहित पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी से लदी हुई पकड़ी गईं।इनको तत्काल जब्त कर कोतवाली जलेसर के सुपुर्द कर दिया गया।इसी क्रम में टीम ने रात्रि को ही कोतवाली क्षेत्र आवागढ़ की ओर रुख किया और वहां सघन चेकिंग अभियान चलाया।चेकिंग के दौरान एक ओवरलोडेड ट्रक पकड़ा गया,जिसे कोतवाली आवागढ़ में सौंप दिया गया।यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप की गई,जिसमें अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाने का संकल्प लिया गया है।
माफिया का दबाव और टीम की दृढ़ता
सूत्रों के मुताबिक खनन माफियाओं ने टीम को गुमराह करने का भरपूर प्रयास किया।माफियाओं ने दावा किया कि पकड़ी गयी जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली एक स्थानीय चर्चित बड़े जनप्रतिनिधि से जुड़े हुए हैं,ताकि कार्रवाई रुकवा सकें,लेकिन तहसीलदार संदीप सिंह की संयुक्त टीम ने इन सिफारिशों और दबाव को पूरी तरह नजरअंदाज कर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।बिना किसी भेदभाव के विधिवत कार्यवाही करते हुए टीम ने कानून का पालन सुनिश्चित किया,जो प्रशासन की निष्पक्षता और साहस का बेहतरीन उदाहरण है।यह कार्रवाई न केवल अवैध खनन माफियाओं के लिए करारा झटका है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।जलेसर तहसील में ऐसी लगातार कार्रवाइयों से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है, और लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि कानून सबके लिए बराबर है,चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। ऐसी बेबाक कार्रवाइयां जारी रहेंगी।