जिला कारागार के निरीक्षण में बंदियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश
जिला कारागार के निरीक्षण में बंदियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

30 Sep 2026 |   26



जिला कारागार के निरीक्षण में बंदियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

जनपद न्यायाधीश ने बैरकों में पहुंचकर बंदियों से की बातचीत,स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था का भी लिया जायजा

ब्यूरो तुर्रम सिंह 

एटा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों और उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल के प्रावधानों के अनुपालन में बुधवार को बोर्ड ऑफ विजिटर्स की समिति ने जिला कारागार का निरीक्षण किया।जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश धर दुबे के नेतृत्व में अधिकारियों ने विभिन्न बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों की समस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश राकेश धर दुबे ने बंदियों से उनकी न्यायिक पैरवी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि क्या प्रत्येक बंदी के पास अपने वाद की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध है। जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता एवं अधिवक्ता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।

बंदियों ने जमानत, पेशी की तारीख तथा सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनपद न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कारागार में बंदियों की स्वास्थ्य व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। जनपद न्यायाधीश राकेश धर दुबे ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। बदलते मौसम और मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संचारी रोगों से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कारागार परिसर में साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया कि परिसर में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए और कोई भी बंदी अस्वस्थ दिखाई दे तो उसे तत्काल कारागार चिकित्सक से जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए।

प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला बैरक का निरीक्षण कर निरुद्ध महिला बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। समिति ने कारागार के विभिन्न अभिलेखों एवं रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों में जाति आधारित अथवा आपत्तिजनक शब्दों के उल्लेख के संबंध में कोई मामला नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार-XI, अपर सिविल जज (सीडी)/प्रभारी सचिव युगल चन्द्र चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अजय नारायण सिंह तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक अंकेक्षिता श्रीवास्तव, जेलर प्रदीप कुमार कश्यप, कारागार चिकित्सक डॉ. उत्सव जैन, डिप्टी जेलर गौरव कुमार, शशिकला वर्मा एवं सत्यपाल सिंह सिसोदिया सहित जेल प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे।

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