स्नातक-शिक्षक निर्वाचन में EPIC न होने पर 11 वैकल्पिक पहचान-पत्रों से कर सकेंगे मतदान
स्नातक-शिक्षक निर्वाचन में EPIC न होने पर 11 वैकल्पिक पहचान-पत्रों से कर सकेंगे मतदान

22 Oct 2026 |   25



स्नातक-शिक्षक निर्वाचन में EPIC न होने पर 11 वैकल्पिक पहचान-पत्रों से कर सकेंगे मतदान

23 अक्टूबर को होगा मतदान,पहचान सत्यापन के लिए दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य

ब्यूरो तुर्रम सिंह 

एटा।उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान के दौरान मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी मतदान रोकने के लिए पहचान-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मतदाता फोटो पहचान पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में निर्धारित 11 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक के माध्यम से भी अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अजय नारायण सिंह ने बताया कि जिन मतदाताओं को EPIC जारी किया गया है, उन्हें मतदान के समय इसे प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता EPIC प्रस्तुत करने में असमर्थ है, तो वह निर्धारित वैकल्पिक पहचान-पत्रों में से किसी एक को दिखाकर अपनी पहचान प्रमाणित कर सकता है।

निर्धारित वैकल्पिक पहचान पत्रों में आधार कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस,पैन कार्ड,भारतीय पासपोर्ट,राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा अन्य निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं।

इसके अलावा सांसदों,विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र,संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता को उसके नियोजन वाले शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र,विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र,सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र भी निर्धारित विकल्पों में शामिल हैं।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजय नारायण सिंह ने जिले के सभी संबंधित स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से अपील की है कि वे 23 अक्टूबर को मतदान के लिए जाते समय अपना EPIC अथवा निर्धारित वैकल्पिक पहचान पत्रों में से कोई एक दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ लेकर जाएं। इससे मतदान केंद्र पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सकेगी और मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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