बलरामपुर में नवजात बच्ची को मरने के लिए खेत में फेंके जाने के मामले में सच आया सामने,गिरफ्तार मां और नानी ने उगला सच
बलरामपुर में नवजात बच्ची को मरने के लिए खेत में फेंके जाने के मामले में सच आया सामने,गिरफ्तार मां और नानी ने उगला सच

02 Oct 2026 |   28



 

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में नवजात बच्ची को खेत में फेंके जाने के मामले में सच सामने आ गया है। श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के किठुरा गांव में धान के खेत में नवजात बच्ची को मरने के लिए छोड़ने के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया।एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए फेंक दिया। पुलिस ने बच्ची की मां और नानी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने लोकलाज के डर से नवजात को खेत में छोड़ने की बात स्वीकार की है।इस घटना में शामिल बताए जा रहे रिश्तेदार (बहनोई) साजन की तलाश की जा रही है।

बता दें कि 17 सितंबर की सुबह किठुरा गांव में धान के खेत में एक दिन की नवजात बच्ची सफेद कपड़े में लिपटी मिली थी। बच्ची की हालत बेहद खराब थी और उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सूचना पर पहुंची पीआरवी-5455 के कमांडर कांस्टेबल सुशांत तिवारी और पायलट होमगार्ड विजय सिंह ने बच्ची को खेत से निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया। संयुक्त चिकित्सालय के महिला प्रसव वार्ड में उसका इलाज कराया गया,जिससे उसकी जान बच सकी।बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है।

ग्राम चौकीदार राममिलन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।जांच में गांव की एक युवती पर पुलिस का शक गहराया,जो गर्भवती थी और कुछ समय से गांव में नहीं रह रही थी।ग्रामीणों ने घटना से एक रात पहले युवती और उसकी मां को नवजात के साथ घर जाते देखने की बात भी बताई थी।

पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में श्रीदत्तगंज पुलिस ने शुक्रवार को दोनों महिलाओं से पूछताछ की।पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। दोनों ने बताया कि लोकलाज की डर से ऐसा क्या किया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।

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