सपा को चाहिए जिताऊ प्रत्याशी,क्या सोच रही कांग्रेस, 2027 विधानसभा चुनाव में गठबंधन में दरार
सपा को चाहिए जिताऊ प्रत्याशी,क्या सोच रही कांग्रेस, 2027 विधानसभा चुनाव में गठबंधन में दरार

28 Sep 2026 |   34



 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन के दावे के बावजूद सीट बंटवारे को लेकर खींचातानी बढ़ गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि दोनों दल बाहर से भले ही लड़ते दिख रहे हों,लेकिन अंदर से साथ हैं,यह उनकी रणनीति का हिस्सा है।खींचातानी इस बात को लेकर है कि दोनों पार्टियां कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी और कांग्रेस की मांगी सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा।कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बीते दिनों कहा था कि अगर गठबंधन नहीं है तो कांग्रेस अपनी तैयारी करेगी। इमरान ने यहां तक कहा कि राहुल गांधी के बिना कोई कुछ नहीं है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अलग चुनाव लड़ने का सवाल उठाकर विवाद को बढ़ा दिया।इसके बाद सपा नेता शिवपाल सिंह यादव और राम गोपाल यादव भी बयानबाजी में शामिल हो गए।शिवपाल ने कहा कि कांग्रेस इटावा,मैनपुरी,सैफई और कन्नौज जैसे सपा के मजबूत इलाकों में संगठन बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है,लेकिन वहां उसे वोट नहीं मिलेंगे।यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के सपा के मजबूत इलाकों में विस्तार करने के बयान से भी दरार बढ़ती नजर आई।कांग्रेस ज्यादा सीटें चाहती है,लेकिन सपा लगभग 50 सीटें ही देने को तैयार है।

सीटों के साथ प्रत्याशियों का सवाल भी सपा और कांग्रेस में अहम मुद्दा बन गया है।सूत्रों का कहना है कि 20 जुलाई को अखिलेश यादव और राहुल गांधी की मुलाकात में सपा ने कहा था कि कांग्रेस अगर किसी सीट की मांग करती है तो वहां से उतारे जाने वाले उम्मीदवार का नाम भी बताए।सपा उम्मीदवार की स्थानीय पकड़ और जीतने की क्षमता को सीट बंटवारे का आधार बनाना चाहती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 17 सीटों पर कांग्रेस लड़ी थी,लेकिन 6 पर ही जीती। प्रयागराज और सीतापुर में पार्टी ने पूर्व सपा नेताओं को टिकट दिया था और दोनों जीते थे।

सपा और कांग्रेस 2024 के नतीजों को अलग-अलग नजरिए से देखती है। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं और वोट शेयर 2.39 फीसदी था। सपा ने 111 सीटें जीती थीं और उसे 32.06 फीसदी वोट मिले थे।भाजपा ने 255 सीटों के साथ 41.29 फीसदी वोट हासिल किए थे। 2024 में सपा-कांग्रेस का संयुक्त वोट 43.52 फीसदी रहा, भाजपा को 41.37 फीसदी वोट मिले थे। सपा पीडीए रणनीति के जरिए पिछड़ा वर्ग,दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं पर जोर दे रही है,जबकि कांग्रेस संगठन मजबूत करना चाहती है। 30 सितंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन बैठक में सीट बंटवारे पर चर्चा हो सकती है।फिलहाल गठबंधन कायम है,लेकिन सीटों पर सहमति बाकी है।

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