पितरों के तर्पण के लिए प्रयागराज आने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए तीर्थ पुरोहितों ने शुरू की नई पहल,ऑनलाइन करा सकेंगे तर्पण
पितरों के तर्पण के लिए प्रयागराज आने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए तीर्थ पुरोहितों ने शुरू की नई पहल,ऑनलाइन करा सकेंगे तर्पण

28 Sep 2026 |   34



 

प्रयागराज।हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है।इस समय पूर्वजों को याद कर उनके लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है,इसे कनागत या श्राद्धपक्ष भी कहा जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार इन दिनों श्रद्धा से किए गए कर्मों से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर हुई है और इसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।

पितरों के तर्पण और संगम पूजन के लिए प्रयागराज आने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए तीर्थ पुरोहितों ने नई पहल शुरू की है।अब देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग ऑनलाइन संगम पर तर्पण,पूजन और दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए जय त्रिवेणी जय प्रयाग‌ संस्था की ओर से वेब पेज तैयार किया गया है।

जय त्रिवेणी जय प्रयाग‌ संस्था की ओर से शुरू की गई इस सुविधा से श्रद्धालु दूर रहकर भी संगम क्षेत्र में होने वाले तर्पण और पूजन से जुड़ रहे हैं।खासतौर पर उन लोगों को इससे सुविधा मिलेगी,जो किसी वजह से प्रयागराज नहीं आ पा रहे हैं।

जय त्रिवेणी जय प्रयाग संस्था के सदस्यों का कहना है कि वेब पेज के माध्यम से श्रद्धालुओं को ऑनलाइन तर्पण,संगम पूजन और दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।पितृ पक्ष के दौरान इस सुविधा को लेकर अलग-अलग जिलों से लोगों ने संस्था से संपर्क भी किया है।श्रद्धालु ऑनलाइन तर्पण और पूजन की जानकारी ले रहे हैं। 

जय त्रिवेणी जय प्रयाग संस्था से जुड़े तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि बदलते समय के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की सुविधा को तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया है।संस्था के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज से बाहर रहते हैं और इच्छा होने के बावजूद समय या अन्य कारणों से संगम नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। पांडेय का कहना है कि इसका उद्देश्य दूर रहने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज के संगम और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है।

बता दें कि इस वेबपेज पर हनुमान मंदिर दर्शन पूजन और आरती के साथ ही शाम की गंगाघाट आरती को भी डाला गया है।इस सुविधा से प्रयागराज का पर्यटन भी बढ़ेगा और बाहर रहने वाले लोग यहां से जुड़ेंगे।वेब पेज काफी आकर्षक और जानकारी देने वाला है।

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