बारिश के बाद सरयू ने मचाई तबाही,समा गए शिव मंदिर और मस्जिद,दस घर भी कटे
बारिश के बाद सरयू ने मचाई तबाही,समा गए शिव मंदिर और मस्जिद,दस घर भी कटे

28 Sep 2026 |   35



 

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बारिश के बाद सरयू नदी ने जमकर तबाही मचाई।सरयू नदी ने हेतमापुर में ऐसी तबाही मचाई कि सुबह तक मस्जिद,शिव मंदिर और करीब दस घर नदी में समा गए।तेज धारा खेतों और आबादी को काटती हुई बढ़ती रही।अब बाबा नारायण दास की तपोस्थली भी कटान की कगार पर आ चुकी है।मंदिर के निचले हिस्से का लिंटर नदी में समा चुका है।

बचाव के लिए नदी में डाले जा रहे बोल्डर,ईंटों की बोरियां तेज बहाव में बह जा रही हैं।ग्रामीण खुद पक्के मकान तोड़कर गृहस्थी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर में शनिवार शाम तक सरयू शांत थी।रात लगभग दो बजे जलस्तर बढ़ने लगा और कटान ने रफ्तार पकड़ ली। सबसे पहले कगार पर बनी मस्जिद नदी की धारा में समा गई,इसके कुछ ही देर बाद पास का शंकरजी का मंदिर भी बह गया।इसके बाद सरयू कटान करते हुए बाबा नारायण दास की तपोस्थली की ओर बढ़ गई।

शंकर जी के मंदिर के निचले हिस्से के लिंटर को सरयू ने अपने चपेट में ले लिया। मंदिर को बचाने के लिए बाढ़ खंड ने ट्रालियों से बोल्डर-पत्थर और बोरियों में भरी ईंटें नदी में डलवाईं,लेकिन तेज धारा के सामने यह इंतजाम नाकाफी रहे।कटान के मुहाने पर पहुंचे मकानों को बचाने की उम्मीद छोड़ ग्रामीण खुद उन्हें तोड़ने में जुट गए,जिन घरों में वर्षों की गृहस्थी थी,उन्हीं की दीवारें रविवार को लोग अपने हाथों से गिराते हुए नजर आए।गांव में चीख-पुकार और अफरातफरी मची रही।

सरयू कटान करते हुए पशु अस्पताल तक पहुंच गयी है। अस्पताल की बाउंड्रीवाल सरयू में समा चुकी है। अस्पताल की ओर तेजी से कटान हो रहा है।खतरे को देखते हुए अस्पताल खाली करा दिया गया। जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।

सरयू की कटान को देखते हुए रविवार को एडीएम निरंकार सिंह,एसपी अर्पित विजय वर्गीय,एएसपी विवेक तिवारी और सीएमओ डॉ. रंजन गौतम समेत अन्य अधिकारी हेतमापुर पहुंचे।एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह सुबह से ही मौके पर मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लेते रहे।

जगदीश वर्मा, रामतेज, मैकू, विनोद, संतोष, ब्रजेश, शिव नारायण, भिशोक, राम किशोर, श्रीराम, राजा राम, गीता देवी, छोटू, इश्तियाक, ननकू और कोमल के मकान सरयू नदी में समा गए।रहमत, अहमद, सलीम, मुन्ना, अय्यूब, इरफान, यूनुस, भड़काऊ, बकरीदी, रियाज, लवकुमार, मंशाराम, शोभाराम और बाबा दीन समेत कई ग्रामीणों के मकान कटान के मुहाने पर हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक हेतमापुर में रविवार जैसी भयावह कटान 18 वर्षों में नहीं हुई।पशु अस्पताल की ओर आबादी तेजी से कटती रही और मस्जिद के पूरब भी नदी ने करीब पांच बीघा खेती योग्य जमीन निगल ली। इससे आबादी पर खतरा और बढ़ गया है।

सरयू के दूसरे छोर पर बसे पूरनपुर में भी शनिवार रात कटान ने तबाही मचाई।रामानंद,सुरेश,राकेश,रामजतन,राज कुमार, कमला प्रसाद और मदन लाल के मकान नदी में समा गए। मदन लाल के घर में बंधी दो गायें भी मकान समेत बह गईं। फक्कड़, खुशीराम,भोला,दशरथ और शिवशंकर समेत कई लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं।बेघर परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। 

इस संबंध में रामनगर एसडीए आकांक्षा गुप्ता का कहना है कि हेतमापुर में मस्जिद,शंकरजी मंदिर के अलावा करीब 10 घर नदी में समा चुके हैं,बाढ़ खंड मंदिर को बचाने के प्रयास में है,प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा है,भोजन की व्यवस्था भी कराई गई है।प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।

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