सपा मुखिया अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव में उतारेंगे तीसरा प्रत्याशी,जानें रामगोपाल समेत कौन नाम चर्चा में
सपा मुखिया अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव में उतारेंगे तीसरा प्रत्याशी,जानें रामगोपाल समेत कौन नाम चर्चा में

28 Sep 2026 |   32



 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है।राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी,जहां 7 सीटें जीतने की हालत में है तो वहीं समाजवादी पार्टी भी दो सीटें आसानी से जीत सकती है,लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव मैदान में तीसरा प्रत्याशी उतारकर सरप्राइज देने के मूड में हैं।

सोमवार को समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई।सपा मुखिया अखिलेश यादव ने विधायकों से राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की। इसमें प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नाम पर सबसे पहले चर्चा हुई।रामगोपाल यादव की एक बार फिर प्रत्याशी बनाना तय माना जा रहा है।इसके अलावा यूपी के पूर्व मुख्य सचिव और सपा के रणनीतिकार आलोक रंजन के साथ सलीम इकबाल शेरवानी और कुछ दलित नेताओं के नामों पर भी मंथन हुआ। हालांकि अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों का नाम पूछे जाने पर कहा कि मंगलवार को नामांकन पत्र खरीदने जाने के बाद तस्वीर खुद-ब-खुद साफ हो जाएगी,लेकिन उन्होंने यह जरूर संकेत दिया कि सपा तीन प्रत्याशी राज्यसभा चुनाव में उतारेगी।

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है।इसमें आठ भाजपा,एक बसपा और एक सपा की सीट खाली हो रही है। बसपा के पास सदस्य संख्या नहीं है।सपा विधायकों की संख्या के हिसाब से दो प्रत्याशियों को आसानी से जिता सकती है।सपा विधायक दल की बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव को फिर से राज्यसभा भेजा जाएगा। 

सूत्रों के मुताबिक अन्य नामों के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने विधायकों से पूछा कि किसे उम्मीदवार बनाया जा सकता है।कुछ ने आलोक रंजन और कुछ ने सलीम इकबाल शेरवानी का नाम लिया,कुछ ने पीडीए को तरजीह देने की बात कही।आलोक रंजन को लेकर यह बात कही गई कि पार्टी की तरफ से उनसे वादा किया गया है,जिसे पूरा किया जाना चाहिए।अखिलेश ने बैठक में कहा कि तीसरे उम्मीदवार का नाम काफी चर्चित होगा।

सपा ने आलोक रंजन को फरवरी 2024 में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में भी प्रत्याशी बनाया था,लेकिन बात नहीं बनी।इसलिए इस बार आलोक रंजन की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।अभी तक जो तीसरा नाम सामने आ रहा है वो है सलीम इकबाल शेरवानी का। सलीम शेरवानी बदायूं से पांच बार सांसद रह चुके हैं और मुस्लिमों के कददावर नेता माने जाते हैं।साल 2009 में बदायूं से धर्मेंद्र यादव को टिकट दिए जाने के बाद सलीम शेरवानी नाराज होकर सपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे,लेकिन चुनाव हार गए।साल 2024 के लोकसभा चुनाव में सलीम शेरवानी ने बदायूं में सपा उम्मीदवार के पक्ष में काम किया।इसलिए उनको तीसरा प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है।

सदस्य संख्या के हिसाब से सपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है।मौजूदा समय सपा विधायकों की सूची में 101 नाम है,लेकिन इनमें से छह नाम ऐसे हैं,जिन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में सपा से बगावत की थी।इस हिसाब से वास्तविक रूप से 95 ही बचते हैं,लेकिन महाराजी प्रजापति के साथ आने से यह संख्या 96 होगी।पल्लवी पटेल के साथ देने की स्थिति में यह संख्या 97 हो जाएगी।इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के दो विधायक हैं।इसे मिलाकर संख्या 99 तक पहुंचती है और सुभाषपा के दो विधायक भी सपा के साथ बताए जा रहे हैं। अगर इन्हें मिला जाए तो सपा के पास कुल 101 वोट हो जाते हैं। 

कहा तो यह भी जा रहा है कि क्रास वोट करने वाले तीन अन्य विधायकों ने भी सपा का साथ देने का वादा किया है। अगर ये साथ देते हैं तो इन्हें मिल कार सपा सदस्य संख्या 104 तक पहुंच जाएगी।एक सदस्य जिताने के लिए 37 विधायक चाहिए,दो सदस्यों को जिताने के लिए 74 विधायक चाहिए। इसके बाद भी सपा के पास लगभग 30 विधायक अतिरिक्त बचेंगे। इसीलिए माना जा रहा है कि सपा तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारकर चुनाव को रोचक बनाएगी। इससे क्रास वोटिंग की संभावना भी बढ़ेगी।

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