आजमगढ़ में पति ने पत्नी और दो पंड़ितों को मारी गोली, महिला घर में करा रही थी पूजा,आधार कार्ड मांगने पर हुआ विवाद
आजमगढ़ में पति ने पत्नी और दो पंड़ितों को मारी गोली, महिला घर में करा रही थी पूजा,आधार कार्ड मांगने पर हुआ विवाद

22 Sep 2026 |   28



 

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह ने पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर हुए विवाद के बाद पिस्टल से फायरिंग कर दी।इस घटना में पत्नी बबिता सिंह, पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तीन बच्चों संग कमरे में कैद आरोपी अरविंद सिंह को बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं।वहीं घटना स्थाल पर फॉरेंसिक और पुलिस टीम जांच कर रही है‌।

अरविंद सिंह की पत्नी और मां सोमवार से ही पंडितों से पूजापाठ कर रही थी।रविंद ने सोमवार को ही पंडितों को अगले दिन न आने की चेतावनी दी थी,लेकिन उसकी बातों को अनसुना कर पंडित मंगलवार को पूजा करने घर पहुंच गए। मंगलवार शाम पूजा चल रही थी।घर में पटखौली गांव निवासी पंडित महेंद्र पाठक (42), छितौना भटौली गांव निवासी पंडित अखिलेश मिश्रा (55) और उनके पुत्र पंडित हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित,पत्नी बबिता सिंह (40), मां समला देवी (70) और बेटी परी (5), बेटा लक्खा (6) और सात माह की बेटी मौजूद थे।

पंडित हिमांशु मिश्रा ने बताया शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा।घर में पूजा होते देख उसने पंडितों से सवाल किया।पंडितों ने पूजा किए जाने की जानकारी दी, इसके बाद अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया।आधार कार्ड मांगने को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहस होने लगी।पत्नी बबिता से भी अरविंद की काफी बहस हुई,इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकाल ली और फायरिंग कर दी।गोली लगने से पत्नी बबिता,पंडित महेंद्र पाठक,पंडित अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई।पूजा में शामिल अन्य पंडित किसी तरह से वहां से भाग निकले।घटना की जानकारी मिलते ही एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन और तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई।घटना के बाद अरविंद ने खुद को तीन बच्चों के साथ घर में ही कैद कर लिया। पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया है।अधिकारी मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित घर से बाहर निकालने का प्रयास में जुटे हुए हैं।

एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि हत्यारोपी अरविंद सिंह की पंडितों के पूजा पाठ करने को लेकर दिक्कत थी। पत्नी से विवाद हुआ और आवेश में आकर आरोपी अरविंद सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पत्नी और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी।खुद को अपने बच्चों के संग लेकर एक कमरे में बंद कर लिया।मौके पर SP, फार्मेसिक टीम, DIG और मै खुद मौजूद हूं,बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।

बता दें कि इस घटना की बुनियाद 2019 में पड़ चुकी थी। अरविंद का सगा भाई सुनील सिंह मुंबई में बाला साहेब ठाकरे का पीआरओ था।अरविंद के चचेरे भाई मनीष और अवनीश ने सुनील की हत्या कर दी थी।मनीष और अवनीश लगभग डेढ़ माह पूर्व ही जेल से छूटे थे।

सुनील सिंह की पत्नी के भाई सूरज सिंह ने बताया, बबिता का मनीष के साथ प्रेम संबंध चल रहा था।इस बात की जानकारी होने पर सुनील सिंह ने मनीष पर चोरी, छिनैती, छेड़खानी सहित कई प्राथमिकी दर्ज कराई थी।कोर्ट से मनीष और अवनीश को 20 साल की सजा हो गई थी। 2019 में मनीष और अवनीश जमानत पर बाहर आए,इसके बाद सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।हत्या के आरोप में मनीष और अवनीश जेल चले गए।दोनों भाई लगभग डेढ़ माह पूर्व ही छूटे थे।अरविंद के परिवार के लोग काफी परेशान रहते थे।

अरविंद सिंह की पत्नी बबिता और उसकी मां ने पंडितों से बात की।पंडितों ने बताया कि सुनील सिंह की आत्मा उन्हें परेशान कर रही है,इस पर अरविंद की मां और बबिता ने पंडितों को पूजा पाठ करने के लिए बुलाया था।सोमवार से पूजा चल रही थी।अरविंद ने पंडितों को अगले दिन न आने की चेतावनी दी थी।मंगलवार शाम जब वह बाजार से घर पहुंचा तो पूजा पाठ होते देख उसका पारा चढ़ गया,उसने पंडितों को अपशब्द कहे और उनका आधार कार्ड मांगा।पत्नी बबिता ने इसका विरोध किया,इस पर अरविंद ने कहा कि तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हो गई और तुम ड्रामा कर रही है,इसके बाद उसने पिस्टल निकाली और गोली मार दी।

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