वाराणसी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मिर्जामुराद के कल्लीपुर में प्रस्तावित नई टाउनशिप आनंद काशी का शिलान्यास करेंगे।शिलान्यास को लेकर जिला प्रशासन और वाराणसी विकास प्राधिकरण ने तैयारी तेज कर दी है। 77 एकड़ में प्रस्तावित आनंद काशी के पहले चरण में 1004 प्लाट निकाले गए हैं।
आनलाइन प्लाट पंजीयन प्रक्रिया पितृपक्ष से रुकी,नवरात्र से पंजीयन प्रक्रिया होगी शुरू
आनलाइन प्लाट पंजीयन प्रक्रिया पितृपक्ष से रोक दी गई है।नवरात्र से पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।एक माह तक प्रक्रिया पूरी होने के साथ लकी ड्रा के जरिए प्लाट आवंटन होगा।आनंद काशी का प्रवेश गेट बनाने के साथ उसकी बाउंड्री का काम तेजी से चल रहा है।आनंद काशी परिसर में ग्रुप हाउसिंग योजना भी प्रस्तावित की गई है।उसे विकास प्राधिकरण बाद में आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। शासन स्तर पर इसका प्रजेंटेशन हो चुका है।
बता दें कि आध्यात्मिक नगरी काशी की संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं को एक ही परिसर में समाहित करने की महत्वाकांक्षी योजना आनंद काशी अब धरातल पर उतरने लगी है।कल्लीपुर में विकसित की जा रही पहली गेटेड सिटी पर रेरा ने मुहर लगा दी है। सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और बनाए गए कंट्रोल रूम से पूरे परिसर की निगरानी होगी। आवासीय प्लाट 72, 162, 200 और 288 वर्गमीटर क्षेत्रफल में होंगे।इसमें सड़क की चौड़ाई 9, 12 18 और 24 मीटर होगी। वीडीए ने गुणवत्ता की जांच के लिए आईआईटी बीएचयू से अनुबंध किया है। टीम समय-समय पर जागर जांच करेगी।नई टाउनशिप आनंद काशी का शिलान्यास पीएम मोदी के हाथों कराने की तैयारी है, लेकिन अभी तक अधिकारिक सूचना नहीं आई है।
3.71 एकड़ में मियावाकी वन क्षेत्र
परिसर में दो हेक्टेयर में नटराज पार्क होगा,इसमें नटराज की भव्य प्रतिमा और फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा होगा। इसके आसपास ओपन लान,एम्फीथिएटर,बच्चों के लिए प्ले एरिया मेडिटेशन गार्डन,वरिष्ठ नागरिक जोन,फ्लावर गार्डन, जागिंग ट्रैक और पैदल पाथ वे होंगे। इसके अलावा 3.71 एकड़ में मियावाकी वन क्षेत्र होगा।
शहर के विस्तार को मिलेगी रफ्तार
शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर बढ़ते दबाव के बीच नई टाउनशिप में नियोजित तरीके से आवासीय और दूसरी जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। जमीन से जुड़े पहलुओं,प्रस्तावित निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।