लखनऊ।उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होगा।सभी पार्टियां अभी से चुनाव को लेकर अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई हैं।इंडिया गठबंधन और एनडीए में सीट बंटवारा अभी तय नहीं है,लेकिन गठबंधन के सहयोगी ज्यादा से ज्यादा सीट लेने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि उनकी पार्टी कम से कम 150 सीट पर चुनाव लड़ना चाह रही है,लेकिन समाजवादी पार्टी ज्यादा सीट देने के मूड में नही है।
सपा कांग्रेस को दे सकती है 53-55 सीट
सूत्रों के मुताबिक जीत के आधार पर सीट बंटवारे पर सपा का फोकस है।गठबंधन के तहत सपा कांग्रेस को 53 से 55 सीट देने का ऑफर कर रही है।सपा खुद 350 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।सपा का कहना है कि जहां पर वह मजबूत है,वहां अपने उम्मीदवार उतारेगी।
सूत्रों के मुताबिक...
सूत्रों के मुताबिक साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की 6 सीट पर जीत हुई थी।इसमें 30 विधानसभा सीट आती है और 11 सीट कांग्रेस हारी थी,जिसमें कांग्रेस की लड़ी सीटों पर विधानसभा वार मिली जीत के आधार पर सपा कांग्रेस को 53 से 55 सीट ऑफर कर रही है। 2024 में सपा को 37 सीट पर मिली जीत और हारी लोकसभा सीट सब जोड़कर मिली बढ़त के आधार पर सपा की 350 सीट पर लड़ने की तैयारी कर रही है।
सपा से 150 सीट मांग रही है कांग्रेस
यूपी में कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि उनकी पार्टी कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाह रही है।सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के नेता सीट बंटवारे को लेकर सपा पर दबाव भी बना रहे हैं।हालांकि सपा किसी दबाव में आने के मूड में नहीं लग रही है।सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कहा है कि कांग्रेस को 150 सीट देना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने के बराबर है।
ओवैसी को अखिलेश ने दिया जवाब
गठबंधन को लेकर असदुद्दीन ओवैसी के दो अक्तूबर की डेडलाइन पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है।अखिलेश ने कहा कि जो गठबंधन पहले से था,जिसने बीजेपी को हराया,समाजवादी पार्टी उसी गठबंधन को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
अखिलेश ने बागियों को दिया ऑफर
अखिलेश यादव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव का समय मिलन का समय होता है। अगर किसी को लगता है कि हमारे लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है तो कड़वी बातें सब भूलकर जो साथी साथ आना चाहते हैं तो हम सब चीज़ें भूल जाएंगे।