बाघराय पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और वसूली का आरोप
बाघराय पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और वसूली का आरोप

03 Oct 2026 |   27



बाघराय पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और वसूली का आरोप

महिला ने एसपी को दिया प्रार्थना पत्र,उच्चाधिकारी से जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग

ब्यूरो देवी शरण मिश्रा 

कुंडा/प्रतापगढ़। बाघराय थाना क्षेत्र के मंडलभासी गांव की एक महिला ने बाघराय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को प्रार्थना पत्र दिया है। महिला ने घर में जबरन घुसकर परिजनों के साथ मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़, रुपये मांगने और सामान ले जाने के आरोप लगाए हैं।पीड़िता ने मामले की जांच किसी सक्षम उच्चाधिकारी से कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मंडलभासी गांव निवासी साक्षी देवी पत्नी राजाबाबू सरोज के अनुसार उसके पति चोरी के दो मामलों में जेल जा चुके हैं और वर्तमान में करीब एक वर्ष से पुणे में रहकर नौकरी कर रहे हैं। महिला का आरोप है कि इसके बावजूद बाघराय पुलिस उसके जेठ और देवर को आए दिन परेशान करती है।

प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोप लगाया कि 23 अगस्त 2026 की शाम करीब चार बजे सिपाही सौरभ,गौरव और सचिन थनुआ समेत कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उसके घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके जेठ राजाबाबू के साथ मारपीट की और उसे निजी वाहन से अपने साथ ले गए। 

महिला के मुताबिक उसी रात पुलिसकर्मी दोबारा घर पहुंचे और उसके तथा उसकी सास के साथ गाली-गलौज व धमकी दी।महिला ने आरोप लगाया कि 24 अगस्त को थाने पहुंचने पर उससे 50 हजार रुपये की मांग की गई। उसका दावा है कि बाद में 23 हजार रुपये लिए जाने के बाद उसके जेठ को छोड़ दिया गया। प्रार्थना पत्र में रुपये किस मद में लिए जाने की बात भी लिखी गई है।

पीड़िता ने 30 सितंबर 2026 की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके अनुसार शाम करीब 5:30 बजे सिपाही सचिन थनुआ, गौरव समेत कुछ पुलिसकर्मी निजी कार से घर पहुंचे और कथित रूप से घर में घुसकर सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। महिला ने आलमारी व बक्सा तोड़ने, खाद्यान्न बिखेरने तथा चांदी की पायल और 10 हजार रुपये ले जाने का आरोप लगाया है।

महिला का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उससे डेढ़ लाख रुपये थाने पहुंचाने को कहा और रकम न देने पर परिवार के सदस्यों को मुकदमों में फंसाने तथा मुठभेड़ दिखाने की धमकी दी। महिला के मुताबिक घटना का वीडियो बनाने की कोशिश करने पर उसका मोबाइल भी छीन लिया गया था।पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने, आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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