नई दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक की चेतावनी भी काम नहीं आई।भारतीय परिवारों में सोने के बदले कर्ज लेने की परंपरा तेजी से बढ़ी है।ताजे आंकडे़ बताते हैं कि बीते माह मई तक सोना गिरवी रखकर लिए गए कर्ज की राशि में 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में सोने के गहनों के बदले बैंकों द्वारा दिए गए बकाया कर्ज की राशि बढ़कर लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से फरवरी से अप्रैल के दौरान सोने की कीमतों में हुई तेज उछाल का सीधा असर है।
आरबीआई पूर्व में कई मौकों पर इस परंपरा को लेकर करती रही है आगाह
आरबीआई पूर्व में कई मौकों पर इस परंपरा को लेकर आगाह करती रही है,लेकिन बैंकों का कहना है कि कर्ज देने का यह तरीका सभी का फायदा का है।सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कर्जदारों को समान मात्रा के सोने पर अधिक राशि का कर्ज मिलने लगा,जिससे गोल्ड लोन का पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ा है और इसी वजह से यह आगे भी बढ़ेगा।
बता दें कि सोना गिरवी रख कर फंड जुटाने का काम पहले भी दक्षिण भारत में होता रहा है,लेकिन अब यह पूरे देश में काफी तेजी से बढ़ा है। यह मध्यम वर्ग के लिए फौरन किसी आकस्मिक काम के लिए फंड जुटाने का एक अच्छा साधन बन गया है,लोगों में इसके प्रति काफी रुझान है।केनरा बैंक ने वर्ष 2025-26 में सोना गिरवी रख कर कुल 2.59 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया है,जो पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी अधिक है।सोने के बदले कर्ज देने की व्यवस्था ने बहुत सारे लोगों को ज्यादा ब्याज देने वाले सूदखोरों से बचा लिया है।
आरबीआई के आंकड़ें बताते हैं...
आरबीआई के आंकड़ें बताते हैं कि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने से सोने की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी का भरपूर फायदा भारत में उठाया गया है।वित्त वर्ष 2025-26 में गोल्ड लोन की औसत टिकट साइज 39 फीसद बढ़कर 1.96 लाख रुपये हो गई। महज तीन साल में यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो चुका है।वित्त वर्ष 2022-23 में औसत टिकट साइज महज 98,000 रुपये थी।गोल्ड लोन अब पूरे देश में बड़े टिकट साइज की ओर शिफ्ट हो रहे हैं,जबकि मार्च 2024 से मार्च 2026 के दो वर्षों में सोने के प्राइस इंडेक्स में 144 फीसदी की तेजी भी दर्ज की है,जबकि इसी अवधि में गोल्ड लोन की स्वीकृत राशि में 200 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जानें बैंकर्स क्या बताते हैं
बैंकर्स बताते हैं कि छोटे व मझोले स्तर के उद्यमियों की तरफ से भी सोने के बदले कर्ज लिये जा रहे हैं। हाल ही में जारी आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में भी गोल्ड लोन में हो रही तीव्र वृद्धि और सोने की कीमतों में अस्थिरता को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कीमतों में लंबे समय तक गिरावट आने पर गिरवी की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और कर्ज नहीं चुकाने का जोखिम बढ़ सकता है।