पेट्रोल-डीजल की फिर बढ़ेगी कीमत,गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट से मची खलबली
पेट्रोल-डीजल की फिर बढ़ेगी कीमत,गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट से मची खलबली

22 Jul 2026 |   34



 

नई दिल्ली।आगामी दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।वॉल स्ट्रीट की बड़ी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी गोल्डमैन सैक्स को इसकी आशंका है।गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांसपोर्ट रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई में रुकावट जारी रहती है तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती है। 

गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेड सी से शिपिंग में रुकावट की आशंका के कारण भी कीमतों के बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।अगर अनुमान के मुताबिक सच में हालात बनते हैं तो भारत में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका है।

गोल्डमैन सैक्स को यह भी उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम हो जाएगा।अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत $80 प्रति बैरल और अगले साल $75 प्रति बैरल रहेगी।बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच नई लड़ाई और यमन में ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब से होने वाली शिपमेंट को रोकने की धमकी के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से $91 प्रति बैरल के पार चली गई है। रेड सी रूट ने पर्शियन गल्फ से आने वाले क्रूड कार्गो को खरीदारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है, खासकर तब जब सप्लाई में रुकावटें आई हों।

ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि तेहरान को मध्यस्थों से 10 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है। इस पहल का मकसद 17 जून को हुए अंतरिम समझौते को बनाए रखना और उस टकराव को खत्म करने के लिए एक स्थायी समझौते का रास्ता बनाना है।बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए।ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया। इस जंग में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।

बताते चलें कि भारत कच्चे तेल का 70 फीसदी से ज्यादा आयात करता है। भारत के कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी काफी अधिक बनी हुई है। वहीं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से होने वाली आपूर्ति से ऊर्जा सुरक्षा को अतिरिक्त मजबूती मिलती है। इसके अलावा पश्चिम अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से मिलने वाले कच्चे तेल ने भी आयात स्रोतों में विविधता लाने में मदद की है।जून में भारत का कच्चे तेल आयात बढ़कर रिकॉर्ड 49.3 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कंपनियों ने अधिक खरीदारी की, जिससे आयात में वृद्धि हुई। रूस से भारत का कच्चे तेल आयात बढ़कर करीब 27 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया, जो जून में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का आधे से अधिक है,इससे रूस,भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

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