ड्रैगन को तगड़ा झटका,1991 के बाद सबसे कम लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाया, अमेरिका-ईरान जंग से हिल गई अर्थव्यवस्था
ड्रैगन को तगड़ा झटका,1991 के बाद सबसे कम लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाया, अमेरिका-ईरान जंग से हिल गई अर्थव्यवस्था

16 Jul 2026 |   102



 

नई दिल्ली।विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले चीन का ताजा जीडीपी आंकड़े जारी हो गए हैं।ये आंकड़े चीन को झटका दे रहे हैं।कोरोना काल के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन अपना टार्गेट हासिल नहीं कर पाया है।इस समय चीन चुनौतियों से संघर्ष कर रहा है।साल की दूसरी तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था की विकास दर उम्मीद से धीमी रही।अप्रैल की शुरुआत से जून के आखिर तक चीन की आर्थिक विकास दर में गिरावट देखी गई।मजबूत एक्सपोर्ट के बावजूद कमजोर घरेलू मांग और अमेरिका-ईरान जंग का तेल की कीमतों का असर चीन पर हावी रहा।

चीन की डगमगा गई अर्थव्यवस्था

सरकारी जीडीपी आंकड़ों से पता चला कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में 4.3 फीसदी बढ़ी, ये बीजिंग के सालाना लक्ष्य से कम है और पहली तिमाही में हुई 5 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद आई है।यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही अलग आंकड़ों से पता चला था कि पिछले साल के मुकाबले जून में चीन के एक्सपोर्ट में 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

1991 के बाद चीनी अर्थव्यवस्था का सबसे छोटा टार्गेट

ये आंकड़े 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद से कम रहे। मार्च में चीन ने अपने विकास के लक्ष्य को घटाकर 4.5 फीसदी से 5 फीसदी के दायरे में कर दिया था। यह 1991 के बाद से चीन का सबसे कम आर्थिक विकास का लक्ष्य था।इस कदम से चीन को पहले से मौजूद आर्थिक कमजोरी को स्वीकार करने का मौका मिला है।

आंकड़े बता रहे साफ,अमेरिका-ईरान जंग का असर दिख रहा चीन पर

आंकड़े साफ बता रहे हैं कि 28 फरवरी को शुरू हुई अमेरिका और ईरान जंग का असर चीन पर भी नजर आया है।कमजोर आर्थिक डेटा इस बात का संकेत है कि घरेलू स्तर पर सुस्त खपत,चीनी निर्यात में हालिया तेजी पर भारी पड़ रही है। अमेरिका और ईरान में जंग से पैदा हुई आर्थिक उथल-पुथल से चीन अछूता नहीं है।फाइनेंशियल फर्म नैटिक्सिस में एशिया पैसिफिक की चीफ इकोनॉमिस्ट एलिसिया गार्सिया-हेरेरो ने कहा,घरेलू मांग का न होना और पूरी तरह से निर्यात पर निर्भर रहना।सच कहूं तो,यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती।

आयात में हुई बढ़ोतरी

सालाना आधार पर चीन आयात 36 फीसदी बढ़कर पांच साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। चीन ने अपना मासिक कच्चा तेल आयात घटाकर लगभग एक दशक के निचले स्तर पर ला दिया है,यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 41.3 फीसदी कम है।चीन का ट्रेड सरप्लस जून में बढ़कर 125.62 अरब डॉलर हो गया।इससे विश्व भर के व्यापारिक साझेदारों खासकर यूरोपीय संघ के साथ तनाव और बढ़ सकता है,क्योंकि यूरोपीय संघ ने औद्योगिक निर्यात से अपने बाजार को पाट देने के लिए चीन की आलोचना की है।

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