ई-रिक्शा को रिमोट से बंद करने वाले ऐप्स पर सरकार का एक्शन,गूगल-एपल को हटाने के आदेश
ई-रिक्शा को रिमोट से बंद करने वाले ऐप्स पर सरकार का एक्शन,गूगल-एपल को हटाने के आदेश

03 Jul 2026 |   22



 

नई दिल्ली।देशभर में ई-रिक्शा चलाने वाले पिछले कुछ दिन से बहुत परेशान रहे।कुछ मोबाइल ऐप्स के जरिए लोग ब्लूटूथ की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को रिमोट से बंद कर दे रहे थे,जिससे सड़क पर ई-रिक्शा चलते-चलते अचानक रुक जा रहा था।ई-रिक्शा चलाने वाले लोग बहुत परेशान हुए,क्योंकि उनकी रोजी-रोटी ई-रिक्शा पर निर्भर होती है और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अचानक उनका ई-रिक्शा बंद कैसे और क्यों हो रहा है।

चाइनीज़ ऐप से ई-रिक्शा बंद करने वाले लोगों ने इस घटना की रील बनाकर सोशल मीडिया पर किया अपलोड

चाइनीज़ ऐप से ई-रिक्शा बंद करने वाले लोगों ने इस घटना की रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया,तब ई-रिक्शा चालकों का दर्द सामने आया। केंद्र सरकार ने ऐसे ऐप्स के खिलाफ एक्शन लिया है।सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर को साफ निर्देश दिया है कि इन ऐप्स को तुरंत हटाया जाए‌।

सरकार ने क्या कहा

इस मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने बताया कि दो ऐसे ऐप्स उनकी नजर में आए थे,जिनका गलत इस्तेमाल हो रहा था, दोनों को ऐप स्टोर्स से हटा दिया गया है।ऐप स्टोर्स को इस तरह के नुकसानदायक ऐप्स को मंजूरी देने से पहले ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

दरअसल यह ऐप्स असल में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी बीएमएस के लिए बनाए गए थे, ताकि टेक्नीशियन बैटरी के वोल्टेज,तापमान और करंट जैसी जानकारी मॉनिटर कर सकें। हालांकि टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले कुछ युवाओं ने इसे मजाक के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और अपने आसपास खड़े या चलते ई-रिक्शा की बैटरी को ब्लूटूथ के जरिए बंद करने लगे और खुद ही इसकी रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालने लगे।दिल्ली परिवहन विभाग ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी थी।

चालकों की मुश्किलें और आगे की कार्रवाई

इसमें असली दिक्कत उन सस्ती लिथियम बैटरियों में हैं, जिनमें पासवर्ड या किसी तरह का कोई सुरक्षा फीचर नहीं होता।ऐसे में करीब 10 से 15 मीटर के दायरे में मौजूद कोई भी व्यक्ति उस बैटरी सिस्टम से कनेक्ट होकर गाड़ी बंद कर सकता है।हालांकि जिन ई-रिक्शा में फैक्ट्री की सुरक्षित या प्रोप्राइटरी बैटरी लगी है, उनके साथ ये समस्या नहीं हुई है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान सिद्दीकी ने एएनआई से बातचीत में बताया...

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान सिद्दीकी ने एएनआई से बातचीत में बताया कि उन्होंने एक ड्राइवर की मदद की, जिसकी गाड़ी अचानक बंद हो गई थी।सिद्दीकी ने बताया कि उस ड्राइवर ने रिक्शा किराए पर ली थी और पूरे दिन गाड़ी खड़ी रहने से उसे करीब चार सौ से पांच सौ रुपये का नुकसान हुआ,जो उस ड्राइवर के लिए बहुत बड़ी बात हैं, क्योंकि वो ई-रिक्शा के मालिक को 400-500 रुपये देने के बाद जो पैसा बचता है, वही उनकी कमाई होती है, जिससे उनका घर-परिवार चलता है।

BAT-BMS ऐप क्या है, शरारती तत्व इसका दुरुपयोग कैसे कर रहे हैं

बता दें कि BAT-BMS एक बैटरी मैनेजमेंट एप्लीकेशन है,जिसे चीन की कंपनी शेनझेन ग्रेनेर्जी टेक्नोलॉजी ने बनाया है,इसका असली मकसद लिथियम-आयन बैटरी के वोल्टेज, करंट और तापमान की निगरानी करना था,इसमें एक डिस्चार्ज स्विच होता है,जिससे बैटरी की पावर आउटपुट को बंद किया जा सकता है।चूंकि भारत में इंपोर्ट होने वाली ज्यादातर चीनी स्मार्ट बैटरियों में डीलर या निर्माता ब्लूटूथ का डिफॉल्ट पासवर्ड सेट नहीं करते हैं, इसलिए 10 से 15 मीटर के दायरे में मौजूद कोई भी व्यक्ति इस ऐप को डाउनलोड करके बिना किसी पिन के रिक्शे की बैटरी से जुड़ जाता है और चलते रिक्शे का पावर सप्लाई ऑफ कर देता है।

कई ई-रिक्शा चालकों को इस समस्या की जानकारी ही नहीं होती

बता दें कि कई ई-रिक्शा चालकों को इस समस्या की जानकारी ही नहीं होती,ऐसे में वो मैकेनिकों को पैसे देकर गाड़ी ठीक करवाने की कोशिश करते हैं,जबकि असल समस्या सिर्फ बैटरी सेटिंग की होती है।इस पूरे मामले ने भारत में बिकने वाले सस्ते ईवी बैटरी सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है और आने वाले समय में सरकार इस दिशा में और सख्त नियम ला सकती है।

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