मिडिल ईस्ट जंग से पाकिस्तान का हाल बुरा,कटोरा लेकर यूएस से मांग रहा पैसे,तेल ने ऐसे बिगाड़ा खेल
मिडिल ईस्ट जंग से पाकिस्तान का हाल बुरा,कटोरा लेकर यूएस से मांग रहा पैसे,तेल ने ऐसे बिगाड़ा खेल

24 Jul 2026 |   28



 

नई दिल्ली।अमेरिका-ईरान में जंग जारी है।इस जंग की आग से तमाम देश झुलस रहे हैं।उधर लाल सागर में हूती विद्रोही सऊदी अरब के जहाजों पर कहर बरपा रहे हैं।विश्व की कुल तेल जरूरत के लगभग 20 फीसदी तेल-गैस की सप्लाई के लिए जरूरी होर्मुज स्ट्रेट बंद है।इन सबके बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का दाम 95 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

अमेरिका-ईरान की जंग के पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में मचा हुआ है हाहाकार

अमेरिका और ईरान की जंग के चलते पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है।एक ओर जहां शहबाज शरीफ सरकार अमेरिका से 10 अरब डॉलर की मदद मांगने के लिए हाथ में कटोरा लिए खड़ी है,तो वहीं दूसरी ओर देश की जनता पर महंगाई का परमाणु बम फोड़ रही है। अमेरिका और ईरान में फिर से शुरू हुई जंग के साथ ही पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का बम फूटने का सिलसिला भी एक बार फिर से शुरू हो गया है।शहबाज शरीफ सरकार ने अचानक Petrol-Diesel Price Hike का ऐलान किया है और नई कीमतें 23 जुलाई से लागू कर दी गई हैं।

कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल 

शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को पेट्रोल की कीमत में 6.39 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल के दाम में 7.83 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया था।इन बदलाव के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 327.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि हाई स्पीड डीजल की कीमत 375.04 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है।नई कीमतों 23 जुलाई से लागू कर दी गई हैं।

अमेरिका-ईरान से ऐसे बढ़ी तेल की कीमत 

अमेरिका और ईरान में फिर से जंग की शुरुआत हुई है और बीते 12 दिनों से हमलों का सिलसिला जारी है,इससे पहले लगभग 100 दिनों से ज्यादा चली अमेरिका और ईरान जंग के दौरान भी पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली थी।अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर पहली बार बीते 28 फरवरी को हमला बोला थी,इसके बाद ईरान ने हमला बोला।उस समय पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत मार्च के पहले सप्ताह में 266 पाकिस्तानी रुपये थी, लेकिन 3 अप्रैल आते-आते 458.41 रुपये के हाई पर पहुंच गया था। हालांकि जब जंग थमने के आसार दिखे,तो इसकी कीमतों में कटौती भी की गई थी।

महंगी एल‌एनजी खरीदने को मजबूर पाकिस्तान 

पाकिस्तान तेल आयात पर पूरी तरह से निर्भर है और इसकी ज्यादातर जरूरत खाड़ी देशों के रास्ते ही पूरी होती है।इस निर्भरता के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का सबसे बुरा असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है।तेल की किल्लत के बीच पाकिस्तान की सरकारी कंपनी पाकिस्तान एल‌एनजी लिमिटेड को जुलाई के अंत के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में लगभग 21.88 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट की दर से एलएनजी की खेप खरीदीनी पड़ी।ये एल‌एनजी की कीमत साल 2022 के बाद से सबसे अधिक है।

पाकिस्तान अमेरिका से मांग रहा 10 अरब डॉलर

कर्ज के जरिए चल रही पाकिस्तान की इकोनॉमी को बचाने के लिए शहबाज सरकार ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर की वित्तीय भीख मांगी है।पाकिस्तानी फाइनेंस मिनिस्टर ने अमेरिकी वित्त मंत्री से गुहार लगाई है।अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशों में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी,जिससे उसकी ये उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिका से उसे भीख मिल जाएगी।

सरकार का आया ये बयान

पेट्रोल-डीजल की कीमत को लेकर पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक का कहना है कि ईरान-अमेरिका के बीच नए सिरे से शुरू हुई जंग के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखा है और अब अब ईंधन की कीमतें दैनिक आधार पर तय की जाएंगी।इससे पहले बीते मार्च महीने में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में साप्ताहिक संशोधन का ऐलान किया था।

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