अमेरिका के नए हमलों के बाद बढ़ा तनाव,ईरान ने संघर्ष और तेज होने की दी चेतावनी
अमेरिका के नए हमलों के बाद बढ़ा तनाव,ईरान ने संघर्ष और तेज होने की दी चेतावनी

30 Jul 2026 |   12



 

नई दिल्ली।अमेरिका की ओर से किए गए जवाबी हवाई हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने संघर्ष और तेज होने की चेतावनी दी है।ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि वह हमलावर को आज ही सजा देगा और अमेरिका की मदद करने वाले देशों को भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।साथ ही ईरान ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका पूरा नियंत्रण है और बाहरी ताकतों को वहां दखल नहीं देने दिया जाएगा।

अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान में कई ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए।अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई पश्चिम एशिया में अमेरिकी बलों पर ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में की गई।

यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक...

यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक करीब दो घंटे तक चले अभियान में ईरान के कई सैन्य कमांड सेंटर,मिसाइल और ड्रोन ठिकाने,तटीय निगरानी एवं रक्षा केंद्र और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य अमेरिकी सैनिकों,वाणिज्यिक जहाजों और खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों के लिए पैदा हुए खतरे को कम करना था।

ईरान के मिसाइल हमले और बढ़ता तनाव

इससे पहले मंगलवार देर रात ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।वहीं जॉर्डन की सेना ने भी पांच मिसाइलों को अपनी वायु रक्षा प्रणाली से मार गिराने की पुष्टि की।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान की रणनीति में बदलाव का संकेत 

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान की रणनीति में बदलाव का संकेत है और अब वह भविष्य में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का अधिक आक्रामक तरीके से जवाब दे सकता है।विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि हवाई अड्डों,बिजली संयंत्रों,जल शोधन परियोजनाओं और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे जैसे महत्वपूर्ण नागरिक ठिकाने भी जोखिम में आ सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र की चिंता,तेल बाजार में उछाल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ सकता है।संघर्ष के दोबारा तेज होने का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दिया।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों से पहले ईरान पर कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी।इसके बाद ब्रेंट क्रूड बुधवार को 7.9 फीसदी उछलकर 90.74 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ,जबकि WTI क्रूड 6.6 फीसदी बढ़कर 84.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. हालांकि गुरुवार को एशियाई कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली‌।

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