राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.47 लाख से अधिक वादों का निस्तारण,मोटर दुर्घटना के 74 मामलों में पीड़ितों को 5.78 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.47 लाख से अधिक वादों का निस्तारण,मोटर दुर्घटना के 74 मामलों में पीड़ितों को 5.78 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति

12 Sep 2026 |   27



ब्यूरो देवी शरण मिश्रा 

प्रतापगढ़।शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।इसका उद्घाटन जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव कमल पांडेय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर जिला न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण से आम लोगों को लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से राहत मिलती है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,47,568 मामलों का निस्तारण किया गया।इनमें 4,108 फौजदारी वाद,चार एनआई एक्ट, 74 मोटर दुर्घटना वाद,95 वैवाहिक वाद, 69 सिविल वाद, 623 बैंक ऋण मामले, 14 बीएसएनएल वाद और दो स्थायी लोक अदालत के मामले शामिल रहे। इसके अलावा कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 1,40,176, यातायात विभाग द्वारा 1,336, विद्युत विभाग द्वारा 900 और श्रम कार्यालय द्वारा 168 मामलों का निस्तारण किया गया।

फौजदारी मामलों में 3,44,810 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 74 मामलों में पीड़ित याचियों को बीमा कंपनियों से कुल 5,78,60,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। वहीं 623 बैंक ऋण मामलों में बैंक और बकायेदारों के बीच 6,28,11,913 रुपये के समझौते हुए। बीएसएनएल के मामलों में 17,083 रुपये का समझौता कराया गया।परिवार न्यायालय में 95 वैवाहिक मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 25 दंपतियों को आपसी सुलह-समझौते के बाद साथ विदा कराया गया।

कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की द्वितीय सचिव शाम्भवी ने किया।राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी अंकिता दुबे ने आभार व्यक्त किया। 

इस मौके पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी कुशल पाल, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रीता गुप्ता, अपर प्रधान न्यायाधीश छोटे लाल यादव, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राम नारायण समेत न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल और पीएलवी मौजूद रहे।

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