ट्रंप की हार से दौड़ा टायर कंपनी का शेयर,इंट्रा-डे में 6700 बढ़े भाव
ट्रंप की हार से दौड़ा टायर कंपनी का शेयर,इंट्रा-डे में 6700 बढ़े भाव

05 Nov 2026 |   24



 

नई दिल्ली।अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार से अमेरिका के बाद अब भारतीय शेयर बाजार भी गदगद है।इस माहौल के बीच भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड टायर कंपनी MRF लिमिटेड के शेयर ने भी निवेशकों को चौंका दिया।इंट्रा-डे के दौरान इस कंपनी के शेयर में 6 पर्सेंट का उछाल आया।कीमत के हिसाब से इस शेयर में इंट्रा-डे के दौरान 6700 रुपये से ज्यादा की तेजी आई। 

शेयर का परफॉर्मेंस

बाजार के सबसे महंगे शेयर के तौर पर पहचान बनाने वाले MRF लिमिटेड की बीएसई पर पिछली क्लोजिंग 1,17,961.35 रुपये पर हुई थी।वहीं गुरुवार को इंट्रा-डे में यह शेयर 1,24,744.90 रुपये तक जा पहुंचा। यह पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 6700 रुपये से ज्यादा की बढ़त को दिखाता है। बीते साल नवंबर महीने में शेयर 1,59,799.95 रुपये के स्तर तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है। शेयर के लो की बात करें तो 1,15,333.30 रुपये है। यह भाव बीते अक्टूबर महीने में ही रहा था। इस लिहाज से देखें तो शेयर रिकवरी मोड में आ गया है।

क्यों आई तेजी

दरअसल, मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की हार से JK टायर, अपोलो टायर्स और CEAT जैसी टायर निर्माता कंपनियों को सिंथेटिक रबर, कार्बन ब्लैक और पेट्रोलियम से जुड़े अन्य कच्चे माल की लागत कम होने से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा, चुनाव के नतीजे का असर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी दिखाई दिया।कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण भी भारत में टायर कंपनियों के शेयरों को जबरदस्त फायदा मिला। शुरुआती कारोबार में JK टायर 5.6 प्रतिशत बढ़कर 351.5 रुपये पर पहुंच गया जबकि अपोलो टायर्स 4.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 420 रुपये पर आ गया। अन्य बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियों में CEAT शामिल है, जो 3.25 प्रतिशत बढ़कर 3,526 रुपये पर पहुंच गई।

राजनीतिक तौर पर कमजोर हुए ट्रंप

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है और उनके कार्यकाल के शेष दो वर्षों में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का दोनों सदनों पर नियंत्रण था,लेकिन डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने देशभर में बढ़त हासिल की। उन्हें उन राज्यों में भी सफलता मिली, जहां परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव रहा है। डेमोक्रेट्स ने सीनेट की कम से कम सात रिपब्लिकन-नियंत्रित सीटें जीत लीं। इनमें कंसास, आयोवा, टेक्सास, ओहायो, मेन, उत्तरी कैरोलिना और दक्षिण कैरोलिना शामिल हैं।

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