लिस्टिंग के अगले दिन भी जिओ का जलवा बरकरार, 5% उछला शेयर,मार्केट 13 लाख करोड़ के रुपए पार
लिस्टिंग के अगले दिन भी जिओ का जलवा बरकरार, 5% उछला शेयर,मार्केट 13 लाख करोड़ के रुपए पार

29 Oct 2026 |   23



 

नई दिल्ली।मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में लिस्टिंग के दूसरे दिन भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली।बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत करने के बाद गुरुवार को भी निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में जमकर खरीदारी की।शुरुआती कारोबार में जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर करीब 5 फीसदी उछलकर 1,490 रुपये पर पहुंच गया। यह उसके आईपीओ प्राइस 1,119 रुपये से करीब 33 फीसदी ज्यादा है। इस तेजी के साथ कंपनी की मार्केट वैल्यू 13.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने लिस्टिंग के पहले ही दिन भारती एयरटेल को पीछे छोड़कर देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी का स्थान हासिल कर लिया था।

दो दिन में निवेशकों को कितना फायदा

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर था। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में शेयर 1,490 रुपये तक पहुंच गया। यानी आईपीओ में एक शेयर पाने वाले निवेशक को ऊपरी स्तर पर 371 रुपये का फायदा हुआ। इस हिसाब से महज दो कारोबारी दिनों में निवेशकों को करीब 33 फीसदी रिटर्न मिला है। बुधवार को लिस्टिंग के पहले दिन ही शेयर में करीब 27 फीसदी की तेजी आई थी। उस समय कंपनी की मार्केट वैल्यू 13.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई थी। गुरुवार को शेयर में तेजी जारी रहने से कंपनी की मार्केट वैल्यू बढ़कर 13.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

मार्केट वैल्यू में टाटा ग्रुप को भी पीछे छोड़ा

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की तस्वीर बदल दी है। लिस्टिंग के पहले दिन ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया था और देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई थी। वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह की कुल बाजार वैल्यू टाटा समूह से आगे निकल गई है। इसके साथ ही रिलायंस समूह बाजार मूल्य के लिहाज से देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया है। जियो प्लेटफॉर्म्स की मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी है। इसकी मार्केट वैल्यू करीब 15.80 लाख करोड़ रुपये है।

आईपीओ को निवेशकों से मिला जबरदस्त समर्थन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाने की कोशिश की थी। कंपनी का आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाए। आईपीओ और एंकर निवेशकों की मांग को मिलाकर कुल बोलियां 7.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की थीं।

अलग-अलग निवेशक कैटेगरी में आईपीओ को इस तरह समर्थन मिला

निवेशक कैटेगरी सब्सक्रिप्शन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) 70.55 गुना नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) 14.09 गुना रिटेल निवेशक 2.72 गुना कर्मचारी 2.93 गुना शेयरधारक 7.60 गुना कुल आईपीओ 22.19 गुना सबसे ज्यादा मांग बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से आई। क्यूआईबी कैटेगरी में आरक्षित शेयरों के मुकाबले 70 गुना से ज्यादा बोलियां मिलीं।

एक करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला पहला आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने एक और रिकॉर्ड बनाया। कंपनी का आईपीओ दुनिया का पहला ऐसा पब्लिक इश्यू बन गया, जिसमें एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले। इससे पहले करीब 97 लाख आवेदनों का रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरी तरह नए शेयर जारी करके लाया गया था। इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम कंपनी को मिली है। कंपनी इस पैसे के एक हिस्से का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सहायक कंपनी का कर्ज चुकाने में करेगी। बाकी रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च की जाएगी।

जियो का कारोबार कितना बड़ा है

रिलायंस जियो ग्राहकों की संख्या और वायरलेस कारोबार से होने वाली कमाई, दोनों मामलों में भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। जून 2026 तक कंपनी के पास करीब 53.33 करोड़ ग्राहक थे। देश में इस्तेमाल होने वाले कुल डेटा ट्रैफिक में जियो की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी थी। कंपनी के इतने बड़े ग्राहक आधार और मजबूत कारोबारी मौजूदगी को देखते हुए निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि, आईपीओ के बाद शेयर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए कंपनी के कारोबार के साथ-साथ शेयर के वैल्यूएशन और बाजार में उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना भी जरूरी है।

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