चीन की राह पर भारत,अगले दशक में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में आ सकती है बड़ी तेजी
चीन की राह पर भारत,अगले दशक में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में आ सकती है बड़ी तेजी

21 Oct 2026 |   33



 

नई दिल्ली।भारत आने वाले 10 साल में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी कामयाबी हासिल कर सकता है। कनाडा की इन्वेस्टमेंट कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ प्रेम वत्स का मानना है कि भारत में वैसा ही इन्वेस्टमेंट बूम देखने को मिल सकता है, जैसा चीन में 2000 के दशक की शुरुआत में आया था।कम लागत,नए व्यापार समझौते और बड़ा घरेलू बाजार भारत को विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षक बना रहे हैं।

प्रेम वत्स ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा...

प्रेम वत्स ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अगले दशक में भारत की आर्थिक विकास दर और निवेश के अवसर काफी बढ़ सकते हैं।प्रेम वत्स का यह बयान ऐसे समय आया है,जब फेयरफैक्स आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 52,878 करोड़ रुपए का निवेश करने की तैयारी कर रही है।वत्स ने इसे अपनी कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश बताया।

चीन की तरह बढ़ सकता है भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

प्रेम वत्स ने कहा कि चीन में 2000 के आसपास बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट देखा गया था,उस दौर में चीन का रियल इकोनॉमिक ग्रोथ रेट कई सालों तक 10% से ज्यादा रहा था।अब भारत में भी विदेशी कंपनियों के लिए प्रोडक्शन बढ़ाने के अवसर बढ़ रहे हैं।वत्स ने कहा कि भारत में फैक्ट्रियां बनाने और चलाने का खर्च पश्चिमी देशों के मुकाबले काफी कम हो सकता है,इससे कंपनियों को भारत में सामान बनाकर यूरोप और दुनिया के दूसरे बाजारों में बेचने में मदद मिलेगी।

कम लागत और व्यापार समझौतों से मिलेगा फायदा

प्रेम वत्स ने फेयरफैक्स की निवेश वाली कंपनी AGT Foods का उदाहरण दिया।वत्स ने कहा कि मुंबई के बाहर बन रहे इस कंपनी के प्लांट को तैयार करने का खर्च नार्थ अमेरिका के मुकाबले करीब 25-30% है। वहीं प्लांट चलाने का खर्च भी वहां की तुलना में लगभग आधा है।वत्स का मानना है कि भारत के बढ़ते फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स विदेशी कंपनियों को यहां प्रोडक्शन बढ़ाने और दूसरे देशों में सामान निर्यात करने के नए अवसर दे सकते हैं।

मोदी सरकार की पॉलिसीज से निवेशकों का भरोसा बढ़ा

प्रेम वत्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इकोनॉमिक पॉलिसीज और विकास पर दिए जा रहे जोर की भी तारीफ की।वत्स ने  कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री से उनकी कई बार मुलाकात हुई है और हर बार भारत की आर्थिक तरक्की पर चर्चा हुई।वत्स ने कहा कि सरकार का विकास पर ध्यान विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।वत्स ने यह भी कहा कि भारत का लोकतंत्र विदेशी कंपनियों के लिए एक अतिरिक्त फायदा देता है।

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत

प्रेम वत्स को उम्मीद है कि भारत आने वाले सालों में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। वत्स का मानना है कि देश का बड़ा बाजार,बढ़ता कारोबार और विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी इस दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं।वत्स ने कहा कि भारत में उन्हें निवेश के बहुत अच्छे अवसर दिखाई देते हैं।हालांकि यह उनका अनुमान है और भारत की प्रगति कई आर्थिक और बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

भारत में फेयरफैक्स का करीब 7 बिलियन डॉलर का निवेश

प्रेम वत्स के मुताबिक आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित अधिग्रहण से पहले फेयरफैक्स भारत में करीब 7 बिलियन डॉलर का निवेश कर चुकी थी।कंपनी की हिस्सेदारी फाइनेंशियल सर्विसेज,इंश्योरेंस,इंफ्रास्ट्रक्चर,यात्रा और दूसरे कारोबारों में है।वत्स ने Quess Corp, Thomas Cook और बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये कारोबार लगातार बढ़ रहे हैं,इससे भारत में दोबारा निवेश करने के नए अवसर भी बन रहे हैं।वत्स ने कहा कि उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी केवल किसी खास सेक्टर तक सीमित नहीं है।वह कारोबार चलाने वाले लोगों, उनकी क्षमता और ईमानदारी को ज्यादा महत्व देते हैं।

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