त्योहारी सीजन के बीच म्यूचुअल फंड्स ने लगाई गोल्ड में नए निवेश पर रोक,क्या है कारण, सोने के निवेशकों पर क्या होगा असर
त्योहारी सीजन के बीच म्यूचुअल फंड्स ने लगाई गोल्ड में नए निवेश पर रोक,क्या है कारण, सोने के निवेशकों पर क्या होगा असर

16 Oct 2026 |   29



 

नई दिल्ली।सोने में निवेश करने वाले आम निवेशकों के लिए त्योहारी सीजन के बीच एक अहम बदलाव हुआ है।कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाली फंड ऑफ फंड्स स्कीमों में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।यह रोक 16 से लागू हुई है।कंपनियों द्वारा दी जा रही जानकारी के अनुसार नए एकमुश्त निवेश, नई एस‌आईपी और कुछ मामलों में पहले से चल रही एस‌आईपी की रकम बढ़ाने की सुविधा भी रोक दी है।

किस किस ने लगाई रोक

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड,यूटीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड समेत कई फंड हाउस ने इस संबंध में नोटिस जारी किए हैं। आदित्य बिड़ला सन लाइफ,डीएसपी और इनवेस्को इंडिया ने भी अपनी गोल्ड FoF स्कीमों पर रोक से जुड़े नोटिस जारी किए हैं।

क्या है इसका कारण 

रॉयटर्स के मुताबिक यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ हुई बातचीत के बाद उठाया गया है।हालांकि फंड हाउसों ने अपने नोटिस में रोक लगाने की वजह साफ तौर पर नहीं बताई है।फिलहाल यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे रुपये में कमजोरी और सोने में बढ़ते निवेश को संभावित कारण माना जा रहा है।इस साल रुपये में करीब 7% की गिरावट आई है।महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार से निकासी ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया है।

सोना भारत के बड़े आयातों में शामिल है, ऐसे में सोने और चांदी में निवेश बढ़ने से विदेशी मुद्रा की मांग और आयात से जुड़ी चिंताएं भी अहम हो जाती हैं।इसी बीच गोल्ड ईटीएफ में निवेश तेजी से बढ़ा है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 में गोल्ड ईटीएफ में ₹4,450.61 करोड़ का निवेश आया, जो अगस्त के ₹2,596.70 करोड़ से करीब 71% ज्यादा है. जनवरी से सितंबर 2026 के बीच गोल्ड ईटीएफ में कुल शुद्ध निवेश करीब ₹45,925 करोड़ रहा. यह पूरे 2025 में आए ₹42,961 करोड़ से भी ज्यादा है।

इस साल सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क भी 6% से बढ़ाकर 15% किया था. इससे पहले जून में भी कुछ फंड हाउसों ने गोल्ड ईटीएफ और FoF में बड़े निवेश पर सीमा लगाई थी, जिसे अगस्त में आसान किया गया था।

सबसे अहम बात यह है कि पहले से चल रही एस‌आईपी आम तौर पर जारी रहेंगी,जिन निवेशकों की एस‌आईपी पहले से रजिस्टर है,उनकी किस्तें तय नियमों के मुताबिक कटती रहेंगी। हालांकि नई एस‌आईपी शुरू करने,एकमुश्त रकम लगाने और कुछ स्कीमों में एस‌आईपी की रकम बढ़ाने पर रोक रहेगी,जिन निवेशकों ने पहले से गोल्ड FoF में पैसा लगाया हुआ है, वे जरूरत पड़ने पर अपनी यूनिट बेचकर पैसा निकाल सकते हैं। फंड हाउसों के नोटिस के मुताबिक रिडेम्पशन यानी निवेश निकालने पर रोक नहीं लगाई गई है।पहले से रजिस्टर कुछ STP भी जारी रहेंगे, जबकि नए STP रजिस्ट्रेशन पर रोक है।

गोल्ड FoF एक ऐसा म्यूचुअल फंड है,जो सीधे सोना खरीदने के बजाय गोल्ड ईटीएफ में निवेश करता है,इससे निवेशकों को म्यूचुअल फंड के जरिए सोने की कीमतों में होने वाले बदलाव का फायदा या नुकसान मिलता है।

गोल्ड ईटीएफ में सीधे निवेश करने के लिए आम तौर पर डीमैट अकाउंट की जरूरत होती है,इसके उलट, गोल्ड FoF में निवेश म्यूचुअल फंड के सामान्य तरीके से किया जा सकता है, इसी वजह से कई छोटे निवेशक एस‌आईपी के जरिए गोल्ड FoF में पैसा लगाते हैं।

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