एलन मस्क के प्राइम मिनिस्टर अंबानी' वाले तंज पर रिलायंस का पलटवार,बोली- हम कॉम्पिटिशन से नहीं डरते,नियम सबके लिए एक
एलन मस्क के प्राइम मिनिस्टर अंबानी' वाले तंज पर रिलायंस का पलटवार,बोली- हम कॉम्पिटिशन से नहीं डरते,नियम सबके लिए एक

16 Oct 2026 |   32



 

नई दिल्ली।भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स (सैटकॉम) सेक्टर में इस समय विश्व के दो सबसे बड़े दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क में जुबानी जंग तेज हो गई है।एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर दोनों पक्षों की ओर से तीखे बयान सामने आए हैं।

बता दें कि इस पूरे विवाद पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उसे भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक सहित किसी भी विदेशी कंपनी से कोई डर नहीं है।हालांकि कंपनी ने जोर देकर कहा कि भारत में कारोबार करने वाले हर खिलाड़ी को देश के कानून और नियमों का पालन करना होगा।

एलन मस्क का तीखा हमला,अंबानी की आर्मी फैला रही है पाखंड

यह विवाद तब और बढ़ गया जब एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुकेश अंबानी और रिलायंस पर सीधे तौर पर एकाधिकार चलाने का आरोप लगाया।मस्क ने लिखा कि अंबानी की इंटरनेट सेना के हास्यास्पद तर्कों का कोई मतलब नहीं है।एक तरफ वे कहते हैं कि स्टारलिंक भारत में अंबानी के एकाधिकार वाली सस्ती कीमतों से मुकाबला नहीं कर पाएगी और दूसरी तरफ दावा करते हैं कि स्टारलिंक बहुत मजबूत प्रतियोगी साबित होगी,यह पूरी तरह से पाखंड है।मस्क ने आगे कहा कि प्रतियोगिता आने से मौजूदा कंपनियों का मुनाफा थोड़ा कम जरूर हो सकता है,लेकिन उनका बिजनेस बंद नहीं होगा।मस्क ने तंज कसते हुए लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी,कृपया मेरी माफी स्वीकार करें कि मैं यह नहीं समझ पाया कि भारत के असली बॉस आप हैं। स्वाभाविक रूप से आप भारत के लोगों का शोषण जारी रखना चाहेंगे,लेकिन क्या आप स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे।

रिलायंस का पलटवार,हम प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते,नियम सबके लिए समान हों

मस्क के इन गंभीर आरोपों के बाद रिलायंस ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर अपनी स्थिति साफ की। रिलायंस ने कहा,हाल ही में रिलायंस और भारतीय बाजार को लेकर की गई टिप्पणियों के आलोक में हम तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखना चाहते हैं।हर भारतीय उद्यम की तरह, रिलायंस भी एक ऐसे भारत में पला-बढ़ा है,जो निवेश और नवाचार का स्वागत करता है, चाहे वह घरेलू हो या अंतरराष्ट्रीय।

जियो को भी मंजूरी का है इंतजार

रिलायंस ने जियो के सफर का उदाहरण देते हुए कहा कि रिलायंस कभी भी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरा है।हम इसे इस बात की सच्ची परीक्षा मानते हैं कि ग्राहक की सबसे अच्छी सेवा कौन करता है।जियो ने खुद 2016 में एक भी ग्राहक के बिना भारत के भीड़भाड़ वाले टेलीकॉम बाजार में प्रवेश किया था। आज 10 वर्षों में जियो ने 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का विश्वास जीता है।कंपनी ने यह भी साफ किया कि सरकार सभी आवेदकों के लिए एक ही प्रक्रिया लागू करती है।खुद जियो की सैटेलाइट सेवाएं भी अभी सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।

सरकार का रुख,मोनोपॉली की कोई जगह नहीं,सुरक्षा सर्वोपरि

इस विवाद के बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।उन्होंने कहा कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के एकाधिकार को अनुमति देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।सरकार के अनुसार वर्तमान में स्टारलिंक सहित तीन प्रमुख कंपनियां वाणिज्यिक लाइसेंस के लिए कतार में हैं।मंत्री ने साफ किया कि भारत सैटेलाइट सेवाओं के लिए प्राइसिंग फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के बेहद करीब है,लेकिन व्यावसायिक संचालन शुरू करने से पहले स्टारलिंक सहित सभी ऑपरेटरों को देश की सुरक्षा से जुड़े कड़े नियमों और शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

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