नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली में जानवरों पर अत्याचार रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।अब दिल्ली के सभी 13 जिलों में पशु क्रूरता रोकने के लिए विशेष समितियां बनाई जाएंगी।गुरुवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इससे पशु संरक्षण कानूनों को जमीनी स्तर पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
बता दें कि यह निर्णय हाल ही में राजस्व जिलों के पुनर्गठन के बाद लिया गया है,ताकि हर जिले में अलग से निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इस निर्णय में कई बातों का जिक्र किया गया है।इनमें से 5 बातें अहम हैं।
हर जिले में बनेगी अलग समिति
दिल्ली के सभी 13 जिलों में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स का गठन किया जाएगा,ये पशुओं पर अत्याचार के मामलों की निगरानी करेगी।
डीएम होंगे प्रमुख
हर जिले की इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिला मजिस्ट्रेट करेंगे और इसमें पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
इस कानून के तहत काम
ये समितियां Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 के तहत काम करेंगी और शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करेंगी।
राज्य स्तर पर होगी निगरानी
राज्य स्तर पर एनिमल वेलफेयर बोर्ड पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगा और जिलों को तकनीकी व आर्थिक मदद देगा।
DSPCA होगी खत्म
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अलग से काम कर रही दिल्ली एसपीसीए को भंग कर दिया जाएगा।
सीएम रेखा ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नई व्यवस्था से न केवल संस्थागत ढांचा मजबूत होगा,बल्कि पशु कल्याण के क्षेत्र में ठोस सुधार भी देखने को मिलेगा। सीएम रेखा ने कहा कि जानवरों की सुरक्षा एक संवेदनशील समाज की पहचान है और सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दिल्ली में बढ़ रहे हैं जानवरों पर अत्याचार
बता दें कि राजधानी दिल्ली में बीते कुछ समय में पशुओं के साथ क्रूरता के कई मामले सामने आए हैं।इनमें आवारा कुत्तों और बिल्लियों को जहर देना,मारपीट करना,घायल हालत में छोड़ देना,अवैध तरीके से पशुओं की ढुलाई और डेयरी और अन्य जगहों पर जानवरों को अमानवीय परिस्थितियों में रखना शामिल है।इसके अलावा कई बार पालतू जानवरों के साथ भी लापरवाही और दुर्व्यवहार के मामले सामने आते रहे हैं।ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और निगरानी की कमी भी एक बड़ी समस्या रही है,जिसे दूर करने के लिए अब रेखा सरकार ने जिला स्तर पर समितियां बनाने का फैसला लिया है।