नई दिल्ली।घर से हजारों किलोमीटर दूर प्रवासी रोजी-रोटी के लिए आए थे।अब एलपीजी गैस की किल्लत से उनके खाने पर ही संकट के बादल छा गए।प्रवासी अब बोल रहे, आ अब लौट चलें।इन दिनों भारी संख्या में प्रवासी अपने घर जाने के लिए दूसरे राज्यों समेत दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं। इससे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
आए थे रोजी-रोटी की तलाश में
उत्तर प्रदेश,बिहार,पश्चिम बंगाल,उड़ीसा आदि राज्यों से रोजी-रोटी की तलाश में आए लोगों पर एलपीजी गैस संकट से खाने पर भी संकट छा गया है।इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भी अछूते नहीं है।आनंद विहार,नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घर लौटने वाले प्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।प्रवासी किसी तरह अपने गांव लौटने को बेताब दिख रहे हैं।
एक किलो गैस के लिए देना पड़ रहा 600-800 रुपये
बिहार के कटिहार के बिपिन कुमार ने बताया कि वह बाहरी दिल्ली के एक होटल में खाना बनाने का काम करते हैं।गैस की किल्लत के कारण उनका होटल बंद हो गया,जिससे उनका रोजगार खत्म गया।घर में जो गैस बचे थे, वो भी खत्म हो गया है। विपिन ने बताया कि बाजारों में एक किलो गैस भरने के लिए 600 से 800 रुपये मांगते हैं। रोजगार खत्म होने की वजह से उनके सामने हालात इतने बदतर हो गए कि घर का किराया तक जुटाना मुश्किल हो गया। इस स्थिति में अपने गांव लौटना ही ठीक समझा।
नहीं इतना पैसा कि रोज बाहर खा सकें खाना
दिल्ली के राजेंद्र नगर में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले बिहार के दरभंगा निवासी सुमित यादव ने बताया कि घर में गैस खत्म हो गया है,उनके पास इतना पैसा भी नहीं है कि रोजाना बाहर खाना खा सकें। ऐसे में उन्होंने घर जाना ही ठीक समझा।
दिहाड़ी से अधिक गैस की कीमत
उत्तर प्रदेश के सलमान अली ने बताया कि दिल्ली में रहकर पहले से ही दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब गैस की किल्लत और कालाबाजारी ने उसकी कमर तोड़ दी। उन्होंने बताया कि उनकी कमाई प्रतिदिन 300-400 रुपये होती है और गैस की कीमत बाजारों में 600-800 रुपये प्रति किलो है। इस हिसाब से उनका दिल्ली में रहकर गुजारा करना नामुमकिन है।