अमेरिका-ईरान जंग का पहला शिकार,मंदी में फंसी कनाडा की इकॉनमी,मंडरा रहा है फ्रांस पर भी खतरा
अमेरिका-ईरान जंग का पहला शिकार,मंदी में फंसी कनाडा की इकॉनमी,मंडरा रहा है फ्रांस पर भी खतरा

30 May 2026 |   38



 

नई दिल्ली।अमेरिका-ईरान जंग को तीन महीने से अधिक समय हो चुका है।इस दौरान कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी से पूरे विश्व में महंगाई बढ़ गई है।इसका असर अब कई देशों पर दिखने लगा है।कनाडा की इकॉनमी 2020 की महामारी के बाद पहली बार मंदी में फंस चुकी है,जबकि फ्रांस पर भी ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है।अमेरिका और ईरान जंग से होर्मुज से जहाजों की आवागमन बंद है,इससे कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई है।

कनाडा की इकॉनमी पर अमेरिका के टैरिफ का दिख रहा व्यापक असर

 कनाडा की इकॉनमी पर अमेरिका के टैरिफ का भी व्यापक असर दिख रहा है।अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।देश की इकॉनमी में पहली तिमाही में 0.1 फीसदी गिरावट आई जबकि पिछली तिमाही में यह 1.0 फीसदी गिरी है। लगातार तो तिमाही में गिरावट को मंदी कहते हैं। छह साल में यह पहला मौका है जब कनाडा की इकॉनमी लगातर दो तिमाहियों में गिरी है।

क्यों आई गिरावट

अर्थशास्त्रियों ने दूसरी तिमाही में इसके 1.5 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया था। जीडीपी के कमजोर आंकड़ों के साथ-साथ कनाडा के जॉब मार्केट में भी कमजोरी दिख रही है। सोने के आयात में बढ़ोतरी, कमजोर हाउसिंग और बिजनेस इनवेस्टमेंट में कमी के कारण इकॉनमी प्रभावित हुई है।कनाडा में हाउसहोल्ड सेविंग्स रेट भी गिरकर 3.5 फीसदी रह गया है,जो 2024 की पहली तिमाही के बाद सबसे कम है। यही कारण है कि महंगाई के कारण लोगों का खर्च बढ़ा है,जबकि इनकम उस हिसाब से नहीं बढ़ी है। अमेरिका के साथ टैरिफ की समस्या के कारण कनाडा की इकॉनमी के आगे भी दबाव में रहने की आशंका है।

अमेरिका-ईरान जंग का असर

अमेरिका और ईरान जंग से विश्व के कई देशों की इकॉनमी पर असर पड़ा है।कनाडा में कोरोना काल के बाद पहली बार लगातार दो तिमाहियों में गिरावट,यूरोपीय देश फ्रांस की इकॉनमी में भी पहली तिमाही में गिरावट रही।होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कच्चे तेल में उछाल से हालत बिगड़ ग‌ए हैं।

फ्रांस पर भी मंडरा रहा खतरा

इस बीच यूरोपीय देश फ्रांस की जीडीपी में भी पहली तिमाही में 0.1 फीसदी गिरावट आई। इससे वहां मंदी की आशंका पैदा हो गई है। 2020 के बाद पहली बार फ्रांस की जीडीपी में गिरावट दर्ज की गई है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर दूसरी तिमाही में स्थिति नहीं सुधरी तो देश मंदी में चला जाएगा।

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