पलवल। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कौशांबी में जासूसी नेटवर्क के पर्दाफाश होने के बाद अब हरियाणा के पलवल और नूंह में भी बड़ी कार्रवाई हुई है।पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में दोनों जिलों से आठ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।इस पूरे मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से जांच में जुटी हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार एक युवक से मिले अहम इनपुट के आधार पर की गई है।पिछले दो दिनों से केंद्रीय खुफिया एजेंसियां, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसटीएफ लगातार संदिग्धों के लिंक खंगाल रही थीं।
गुरुवार को एनआईए की टीम भी जांच में शामिल हो गई और कई गांवों में सघन पड़ताल की।जांच के दौरान हथीन क्षेत्र के पावसर गांव से तीन और नूंह के तावड़ू इलाके से लगभग पांच युवकों को हिरासत में लिया गया। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से जुड़ा एक जासूस लंबे समय से हथीन और नूंह के कुछ गांवों में सक्रिय था। वह स्थानीय युवकों से संपर्क कर धीरे-धीरे अपना नेटवर्क तैयार कर रहा था।इसी दौरान वह हथीन के गांवों में भी ठहरता रहा और युवकों से संबंध मजबूत करता गया। बाद में वह पाकिस्तान लौट गया, लेकिन उसका नेटवर्क यहां सक्रिय बना रहा।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर में उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया।उससे मिली जानकारी के आधार पर जांच की कड़ियां पलवल और नूंह तक पहुंचीं। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस बुधवार को पलवल पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ कार्रवाई शुरू की, जो अब एनआईए के शामिल होने के बाद और तेज हो गई है।
पलवल और नूंह क्षेत्र पहले भी जासूसी गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।बीते साल क्राइम ब्रांच पलवल ने आलीमेव गांव के तौफीक और कोट गांव के यूट्यूबर वसीम अकरम को पाकिस्तान को संवेदनशील सैन्य जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था।इसी तरह नूंह जिले के राजाका गांव के अरमान और तावडू क्षेत्र के कांगड़ा गांव के तारीफ को भी जासूसी के आरोप में पकड़ा जा चुका है,जिससे यह इलाका पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है।
गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में भी हाल ही में जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ था,जहां कौशांबी थाना पुलिस ने 14 मार्च को महिला समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया था। ये लोग रेलवे स्टेशन,सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी तक पहुंचा रहे थे।
पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े 15 अन्य आरोपितों को भी पकड़ा गया, जिनमें नाबालिग तक शामिल थे। इस पूरे मामले की जांच एनआईए, आर्मी इंटेलिजेंस और आईबी जैसी एजेंसियां कर रही हैं और इसमें पाकिस्तान के साथ खालिस्तानी आतंकी कनेक्शन भी सामने आया है।