स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की खत्म नहीं हुई मुश्किलें,हाईकोर्ट के फैसले को एससी में दी गई चुनौती
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की खत्म नहीं हुई मुश्किलें,हाईकोर्ट के फैसले को एससी में दी गई चुनौती

27 Mar 2026 |   23



 

नई दिल्ली।इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने के कुछ दिनों बाद,इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है।यह अपील मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दायर की है।आशुतोष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 25 मार्च के आदेश को चुनौती दी है।

आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं हुआ

शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि उच्च न्यायालय ने स्वामी के खिलाफ आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया। बता दें कि याचिका में यह भी कहा गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद मामले के गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को अग्रिम जमानत दी थी। हाईकोर्ट ने जोर दिया था कि जांच बाहरी प्रभाव के बिना आगे बढ़नी चाहिए। 27 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और निर्देश दिया था कि नाबालिग बच्चों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में आदेश सुनाए जाने तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आवेदकों को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया था।

कई बटुकों के कथित यौन शोषण का आरोप 

यह मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के झूसी थाने में दर्ज एफआईआर से संबंधित है।यह एफ‌आईआर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम अदालत के निर्देशों के बाद दर्ज की गई थी।इसमें आरोपी द्वारा कई बटुकों (युवा शिष्यों) के कथित यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि आरोपों की गंभीरता को अनदेखा किया गया है।

गवाहों को प्रभावित करने की आशंका

याचिका में मुख्य चिंता यह भी जताई गई है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इस आशंका के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट से इस पहलू पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता ने न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

More news