नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम में भीषण आग में नौ लोगों की मौत हो गई।भागने की कोशिश में तीन अन्य लोग घायल हो गए थे।आग बुधवार सुबह लगभग 6.15 बजे लगी थी।हादसे के दौरान 22 वर्षीय हिमांशी ने अपनी 70 वर्षीय बुजुर्ग मां लाडो कश्यप का अंत तक साथ नहीं छोड़ा। मां और बेटी ने लगातार संघर्ष किया,लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि अब आग उनके नजदीक है तो दोनों ने एक कमरे में ही अंतिम सांस लेने का फैसला लिया।
परिजनों के मुताबिक
परिजनों के मुताबिक लाडो और हिमांशी इमारत की दूसरी मंजिल में रहते थे।ग्राउंड फ्लोर पर आग तेजी से फैली तो मां ऊपर चढ़ने में असमर्थ थीं।मां को देखकर हिमांशी ने भी साथ ही रुकने का फैसला किया।आग फैलती गई,दोनों बचने के लिए बाथरूम में घुस गईं।
अंगुठी से शव की पहचान
रिश्तेदारों ने बताया कि दुकान में रखे कॉस्टमेटिक प्रोडक्ट्स और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आग ने बाथरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया।बाद में दमकल विभाग को दोनों के शव एकसाथ ही मिले। हिमांशी की अंगुठी से उसके शव की पहचान हुई।
घर से बाहर कम ही निकलती थी लाडो
हिमांशी आखिरी समय तक बुजुर्ग मां को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए संघर्ष किया जबकि परिवार के अन्य सदस्य ऊपरी मंजिल पर पहुंचकर मदद की गुहार लगा रहे थे।लाडो घर से बाहर कम ही निकलती थीं।हादसे के समय लाडो के पति गोवा में थे।
सटीक कारण का लगाया जा रहा है पता
पुलिस मामले की जांच में जुटी है।एफएसएल की रिपोर्ट हासिल होने के बाद ही आग लगने के सटीक कारण का पता चल सकेगा। पुलिस ने आशंका जताई है कि हादसे में ज्यादात्तर लोगों की मौत धुएं से दम घुटने से हो सकती है। रेखा गुप्ता सरकार ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और इसके साथ ही मृतकों के परिजन को दस दस लाख वित्तीय मदद देने की एलान किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल की सीढ़ियां काम नहीं कर रही थीं वरना कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।