नई दिल्ली।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।खरगे कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित एक जनसभा में कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई है।खरगे ने पीएम मोदी की तुलना गुलाम से करते हुए कहा कि भारत की संप्रभुता और विदेश नीति को वाशिंगटन के हाथों गिरवी रख दिया गया है।
तेल खरीद के लिए 30 दिन की मोहलत क्यों
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तानाशाह करार देते हुए
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत को अन्य देशों से तेल खरीदने के लिए दी गई 30 दिनों की समय सीमा अपमानजनक है।खरगे ने सवाल उठाया,अमेरिका हमें यह बताने वाला कौन होता है कि हम किससे तेल खरीदें और किससे नहीं।ट्रंप ने 30 दिन का समय दिया और हमारे प्रधानमंत्री चुप रहे। क्या हम अपनी नीतियां खुद तय नहीं कर सकते।खरगे का इशारा मिडिल ईस्ट से होने वाले तेल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों की ओर था,जिसे लेकर उन्होंने आशंका जताई कि इससे देश के किसानों और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
आजादी और कुर्बानियों की याद
आजादी के आंदोलन का जिक्र करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने भावुक अपील की।खरगे ने कहा कि महात्मा गांधी और कांग्रेस के अनगिनत नेताओं ने अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालने के लिए गोलियां खाईं और अपनी जान की बाजी लगा दी।खरगे ने तंज कसते हुए कहा,हमने बड़ी कुर्बानियों के बाद यह आजादी हासिल की थी,लेकिन आज उसी देश को फिर से विदेशी ताकतों की गुलामी की ओर धकेला जा रहा है।
मिडिल ईस्ट और ग्लोबल पॉलिटिक्स पर चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर अपनी राय रखते हुए खरगे ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया।खरगे ने कहा कि अली खामेनेई जैसे वैश्विक नेताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इससे दुनिया की शांति भंग हो सकती है।खरगे ने अमेरिका के रवैये को अहंकारी' बताते हुए कहा कि ऐसे कदम वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक हैं।