उन्नाव।उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में नवविवाहित जोड़ों को बांटे गए गद्दों पर टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के झंडे और चुनाव चिन्ह जैसी प्रिंटिंग मिलने के मामले में प्रशासन का हंटर चला है।लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।जांच रिपोर्ट आने के बाद आपूर्ति करने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बता दें कि 24 जुलाई को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 459 जोड़ों का विवाह कराया गया था,इसमें 457 हिंदू और दो मुस्लिम जोड़े शामिल थे।
गद्दों पर टीएमसी के झंडे की प्रिंटिंग
विवाह के बाद सभी नवविवाहित दंपतियों को सरकार की ओर से उपहार सामग्री वितरित की गई। इसी दौरान कुछ गद्दों के कवर पर टीएमसी के झंडे और उसके चुनाव चिन्ह से मिलती-जुलती प्रिंटिंग होने का मामला सामने आया।तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया और उपहार सामग्री की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने मुख्य विकास अधिकारी कृति राज की अध्यक्षता में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), वरिष्ठ कोषाधिकारी और उपायुक्त उद्योग की संयुक्त जांच समिति गठित की। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एक या दो गद्दों के कवर पर ही राजनीतिक दल के प्रतीक से मिलती-जुलती डिजाइन पाई गई।
फर्म को ब्लैक लिस्टेट किया गया, केस भी दर्ज
जांच रिपोर्ट के आधार पर समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश ने अलीगढ़ की आपूर्तिकर्ता फर्म इंडियन जनरल ट्रेडर्स को नोटिस जारी किया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।सीडीओ कृति राज ने बताया कि फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इसके अलावा समाज कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि संबंधित पटल सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं सामग्री वितरण के लिए नामित सहायक विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।