राघव चड्ढा क्या बनाएंगे नई Gen-Z पार्टी,आप से तनातनी के बीच इंस्टाग्राम रील से अटकलें तेज
राघव चड्ढा क्या बनाएंगे नई Gen-Z पार्टी,आप से तनातनी के बीच इंस्टाग्राम रील से अटकलें तेज

10 Apr 2026 |   22



 

नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सुर्खियों में छाए हैं।राघव और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरों के बीच एक इंस्टाग्राम रील ने नई बहस छेड़ दी है।पार्टी नेतृत्व के साथ राघव के रिश्तों में खटास की खबरों के बीच अब एक नया सवाल भी खड़ा हो गया है,क्या राघव अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं। यह अटकलें तब और तेज हो गईं जब राघव ने एक इंस्टाग्राम रील साझा की,जिसमें उन्हें एक नई Gen-Z पार्टी बनाने का सुझाव दिया गया था।

बुधवार को राघव चड्ढा ने Seedhathok नाम के एक कंटेंट क्रिएटर की रील शेयर की।इस रील में क्रिएटर रिहान ने कहा कि देश के युवा और आम लोग चाहते हैं कि राघव चड्ढा अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाएं।उन्होंने सुझाव दिया कि इस पार्टी का नाम Gen-Z पार्टी हो सकता है या फिर कोई भी ऐसा नाम जो युवा वर्ग को आकर्षित करे।

रील में यह भी कहा गया कि अगर राघव चड्ढा किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें वह समर्थन नहीं मिल सकता,जो अभी उन्हें मिल रहा है।वहीं अगर राघव अपनी पार्टी बनाते हैं,तो देश का युवा उनके साथ खड़ा हो सकता है और उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है।इस पर राघव ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे इंटरेस्टिंग थॉट यानी दिलचस्प विचार बताया।

Seedhathok नाम के इस इंस्टाग्राम हैंडल के 11 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।इस पर अब तक हजारों लाइक और सैकड़ों कमेंट हो चुके हैं।इससे यह साफ है कि सोशल मीडिया पर इस विचार को लेकर काफी चर्चा हो रही है।यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच मतभेद की खबरें लगातार आ रही हैं। हाल ही में पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था,उनकी जगह सांसद अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया गया।इस फैसले के बाद पार्टी और राघव के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया।

राघव चड्ढा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें हराया नहीं गया है बल्कि चुप कराने की कोशिश की गई है।दूसरी ओर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राघव पर सवाल उठाए। संजय सिंह,आतिशी और सौरभ भारद्वाज जैसे नेताओं ने आरोप लगाया कि राघव संसद में पंजाब के मुद्दों को मजबूती से नहीं उठा रहे हैं और सिर्फ अपनी छवि बनाने में लगे हैं।

आप के नेताओं ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से बचते हैं,इस पर सवाल उठाते हुए अतिशी ने पूछा कि वह बीजेपी और प्रधानमंत्री से सवाल पूछने से क्यों डरते हैं।आलोचकों ने यह भी याद दिलाया कि जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, तब राघव आंखों के इलाज के लिए ब्रिटेन में थे।

इसके अलावा राघव चढ्ढा जंतर मंतर पर आयोजित जनसभा में भी नजर नहीं आए,जहां केजरीवाल जेल से रिहा होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों को संबोधित कर रहे थे।इन आरोपों के बीच राघव ने भी अपनी बात रखी,कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेलर है और पूरी तस्वीर अभी बाकी है।उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं है बल्कि उनका घर और जिम्मेदारी है।

राघव चड्ढा ने यह भी बताया कि उन्होंने संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं.इनमें ननकाना साहिब कॉरिडोर, किसानों के लिए कानूनी गारंटी, पंजाब में भूजल संकट और भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग शामिल है।युवा वर्ग के बीच राघव की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।खासकर छात्र ऋण माफी जैसे मुद्दों को उठाने के कारण उन्हें युवाओं का समर्थन मिला है,इसी वजह से राघव को Gen Z का पसंदीदा सांसद भी कहा जाता है।

राघव चढ्ढा कई भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं, जिनमें उन्होंने गिग वर्कर्स की समस्याएं,वित्तीय सुधार, मेंस्ट्रुअल हेल्थ और टेलीकॉम कंपनियों के रिचार्ज से जुड़े मुद्दों को उठाया है।हाल ही में बजट सत्र के दौरान राघव ने पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की भी मांग की थी।

इस पूरे घटनाक्रम ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। एक तरफ आप के भीतर मतभेद की खबरें हैं, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर नई पार्टी बनाने की चर्चा हो रही है। हालांकि अभी तक राघव चड्ढा की ओर से किसी नई पार्टी बनाने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनकी एक प्रतिक्रिया ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में राघव चड्ढा कौन सा रास्ता चुनते हैं,क्या राघव आम आदमी पार्टी के साथ बने रहेंगे या फिर कोई नया राजनीतिक प्रयोग करेंगे, इस पर सभी की नजर है।फिलहाल इतना तय है कि राघव की हर गतिविधि पर न सिर्फ आप बल्कि देशभर के युवा भी नजर रख रहे हैं।

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