पाकिस्तान को बाइपास कर समंदर में भारत का दबदबा बढ़ाने वाले 6 विदेशी बंदरगाह,पूरे विश्व में शान से पहुंचते हैं भारतीय जहाज
पाकिस्तान को बाइपास कर समंदर में भारत का दबदबा बढ़ाने वाले 6 विदेशी बंदरगाह,पूरे विश्व में शान से पहुंचते हैं भारतीय जहाज

03 Oct 2026 |   28



पाकिस्तान को बाइपास कर समंदर में भारत का दबदबा बढ़ाने वाले 6 विदेशी बंदरगाह,पूरे विश्व में शान से पहुंचते हैं भारतीय जहाज

भारत के बढ़ते व्यापार के लिए विदेशी बंदरगाहों की महत्वपूर्ण है भूमिका,वैश्विक अर्थव्यवस्था को देते हैं रफ्तार 

नई दिल्ली। विश्व के व्यापार का लगभग 80 फीसदी हिस्सा समुद्री रास्तों से होता है।ग्लोबल इकॉनमी को चलाने में बंदरगाहों की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है,जितनी किसी देश के लिए सड़क और रेल नेटवर्क की।आज विश्व के सबसे व्यस्त कंटेनर बंदरगाह एशिया में स्थित हैं।कौन से बंदरगाहों का दबदबा व्यापार की दुनिया में मशहूर है और भारत के लिए कौन कितना जरूरी है।

भारत के लिए विश्व में जरूरी पोर्ट्स

भारत का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है।भारत ईंधन, उर्वरक,तेल,दाल,स्क्रैप सहित कई महत्वपूर्ण चीजों का बड़ा निर्यातक है।भारत को अपनी व्यापारिक गतिविधियां तेज करने के लिए विदेशी बंदरगाहों की मदद लेनी होती है। ऐसे बंदरगाह के बारे में जानें,जो भारत के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

सिंगापुर बंदरगाह 

भारत से यूरोप,अमेरिका और पूर्वी एशिया जाने वाले कंटेनरों का बड़ा हिस्सा सिंगापुर के जरिए आगे भेजा जाता है। इसे ट्रांसशिपमेंट हब कहा जाता है।अगर सिंगापुर बंदरगाह में कोई समस्या आती है तो भारतीय निर्यातकों की लागत और डिलीवरी समय दोनों बढ़ सकते हैं।भारत के व्यापार के नजरिए से ये बंदरगाह काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

शंघाई और चीन के अन्य बंदरगाह

भारत का पड़ोसी देश चीन भी भारत के आयात-निर्यात के लिहाज से महत्वपूर्ण है।भारत बड़ी मात्रा में मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स,सोलर उपकरण,रसायन और इंडस्ट्रियल रॉ मैटेरियल चीन से आयात करता है।शंघाई,शेनझेन,निंगबो और किंगदाओ जैसे बंदरगाह भारत-चीन व्यापार की लाइफलाइन माने जाते हैं।इन बंदरगाहों में रुकावट का असर भारतीय इंडस्ट्री की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।

जेबेल अली (दुबई)

मध्य पूर्व,अफ्रीका और यूरोप के लिए भारत के व्यापार में दुबई का जेबेल अली बंदरगाह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खाड़ी क्षेत्र का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब माना जाता है। पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने पर इस समुद्री रास्ते और बंदरगाह की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

पोर्ट क्लांग (मलेशिया)

पोर्ट क्लांग मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है,जो विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। भारत से पूर्वी एशिया जाने वाले कई जहाज इस रास्ते का उपयोग करते हैं। भारत के लिहाज से ये बहुत जरूरी बंदरगाह है।भारत के कुल विदेशी ट्रांसशिपमेंट के 85 फीसदी से अधिक हिस्से को संभालने वाले शीर्ष 3 बंदरगाहों में शामिल है।

कोलंबो बंदरगाह (श्रीलंका)

कोलंबो बंदरगाह भारत के लिए सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण विदेशी हब है।भारत के कुल विदेशी ट्रांसशिपमेंट कार्गो का अकेले 45 फीसदी से अधिक हिस्सा कोलंबो बंदरगाह संभालता है।भारत के पूर्वी और दक्षिणी तटों (जैसे चेन्नई, कोलकाता और विशाखापत्तनम) का माल पहले छोटे जहाजों के जरिए कोलंबो जाता है, जहां से इसे यूरोप और अमेरिका जाने वाले मेगा-कंटेनर जहाजों पर लादा जाता है।

चाबहार बंदरगाह (ईरान)

पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भरता खत्म करने के लिए चाबहार बंदरगाह भारत के नजरिए से बेहद अहम है। यह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का अहम हिस्सा है,जिससे रूस और यूरोप तक व्यापार आसान होगा। भारत पिछले कुछ सालों से इस बंदरगाह पर बड़ा निवेश कर रहा है।

विश्व के सबसे व्यस्त कंटेनर पोर्ट

रैंक     बंदरगाह        देश
1       शंघाई            चीन  
2      सिंगापुर         सिंगापुर
3    निंगबो-झोउशान  चीन  
4     शेनझेन              चीन  
5     किंगदाओ            चीन  
6     ग्वांगझोउ            चीन  
7    बुसान दक्षिण        कोरिया
8    तियानजिन            चीन 
9      जेबेल अली         यूएई   
10     पोर्ट क्लांग       मलेशिया

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