नई दिल्ली।भूकंप से कुछ सेकंड पहले की चेतावनी भी लोगों के लिए काफी काम की हो सकती है।अमेरिका के कैलिफोर्निया की छात्रा विवियन हे ने ऐसा छोटा डिवाइज तैयार किया,जो भूकंप की शुरुआती हलचल को पहचान कर लोगों को अलर्ट कर सकता है।इसका नाम क्यूब रखा गया है और इसे बनाने में 100 डॉलर से कम लागत आती है,इसका आकार लगभग रुबिक क्यूब जितना है।
कैसे काम करता है क्यूब
क्यूब में एक जियोफोन सेंसर लगाया गया है।यह जमीन में होने वाली हलचल को महसूस करता है।इस डिवाइज का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इन सिग्नल्स को प्रोसेस करते हैं। अगर हलचल तय किए गए अलर्ट लेवल तक पहुंचती है, तो क्यूब खुद अलार्म बजा सकता है।इसके अलावा इसमें वाई-फाई कनेक्टिविटी है,इसके जरिए यह सब्सक्राइब किए हुए लोगों को टेक्स्ट मैसेज भेजकर भी चेतावनी दे सकता है। यानी घर में रखा छोटा डिवाइस खुद अलर्ट देने के साथ आसपास के लोगों तक भी सूचना पहुंचा सकता है।
लॉस एंजिलिस में हुई टेस्टिंग
विवियन ने क्यूब की करीब 9 महीने तक टेस्टिंग की है। सितंबर 2020 से मई 2021 के बीच लॉस एंजिलिस इलाके में किए गए परीक्षण में डिवाइस ने आसपास के 3.0 से ज्यादा मैग्नीट्यूड वाले भूकंपों को डिटेक्ट किया है,ये आसपास के कुछ छोटे भूकंपों को भी पकड़ सका,जिनकी तीव्रता लगभग 2.3 मैग्नीट्यूड तक थी। 19 सितंबर 2020 को आए 4.5 मैग्नीट्यूड के भूकंप के दौरान भी क्यूब ने सिग्नल रिकॉर्ड किया और अलर्ट जारी किया है,इसकी रिकॉर्ड की गई सीस्मिक वेवफॉर्म पास के आधिकारिक सीस्मोमीटर के डेटा से मेल खाती थी।
क्या भूकंप आने से पहले पता लगा लेता है
आपके लिए ये बात जानना जरूरी है कि क्यूब नाम का ये डिवाइज भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करता है।भूकंप शुरू होने के बाद जमीन में फैलने वाली शुरुआती तेज तरंगों को डिटेक्ट करके यह चेतावनी देता है,इसलिए भूकंप के केंद्र से दूरी के हिसाब से लोगों को तेज झटके पहुंचने से पहले कुछ समय मिल सकता है।अगर ऐसे कम लागत वाले कई क्यूब एक नेटवर्क में लगाए जाएं,तो स्थानीय स्तर पर भूकंप की निगरानी बढ़ाई जा सकती है।हालांकि अलग-अलग जगहों पर इसकी विश्वसनीयता और अलर्ट सिस्टम की क्षमता को लेकर अभी और टेस्टिंग की जरूरत है।