नो यूपीआई डे का ऐलान, 500 कारोबारी संगठन एमडीआर के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन
नो यूपीआई डे का ऐलान, 500 कारोबारी संगठन एमडीआर के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन

24 Sep 2026 |   27



 

नई दिल्ली।देशभर के कारोबारी और व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को नो यूपीआई डे मनाने का ऐलान किया है। यह ऐलान 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित  0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के खिलाफ किया जाएगा।

महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री ,ऐंड एग्रीकल्चर (एमसीसीआईए), ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (एआईसीपीडीएफ), अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ, ऑल इंडिया ज्वैलर्स ऐंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआईएमआरए) और फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 2 अक्टूबर के विरोध में शामिल होने की पुष्टि की है।

एमएसीसीआईए अध्यक्ष रविंद्र माणगावे ने कहा,हमारे साथ करीब 500 कारोबारी संगठन जुड़े हैं। हमने देशभर के सभी कारोबारी संगठनों से बात की है।सभी ने 2 अक्टूबर को नो यूपीआई डे मनाने का फैसला किया है। यह विरोध सिर्फ महाराष्ट्र में नहीं,बल्कि दूसरे राज्यों में भी होगा।उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में एमएसीसीआईए और करीब 500 संगठन मिलकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगें रखेंगे। केंद्र स्तर पर ये मांगें वित्त मंत्री के सामने रखी जाएंगी।

एआईसीपीडीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल ने कहा, डिजिटल भुगतान की अतिरिक्त लागत सिर्फ कारोबारियों को ही क्यों उठानी चाहिए,खुदरा कारोबारी और वितरक बहुत कम मार्जिन पर काम करते हैं और डिजिटल कारोबार के विस्तार में पहले से ही महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने से उनके कारोबार की लागत बढ़ेगी। डिजिटल भुगतान से लेनदेन आसान होना चाहिए,कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ना चाहिए।

भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि एमडीआर लगाने के सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के तहत यूपीआई स्कैनर, क्यूआर कोड, साउंड बॉक्स और इससे जुड़े अन्य उपकरणों को विरोध के तौर पर काले कपड़े से ढका जाएगा।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने कहा था कि यूपीआई के जरिए बड़े फंड ट्रांसफर पर नए एमडीआर को लेकर शेयर ब्रोकरों की चिंताओं पर नियामक विचार करेगा। पूंजी बाजार से जुड़े लेनदेन के लिए एमडीआर 0.02 प्रतिशत तय किया गया है। यह शुल्क म्युचुअल फंड, ब्रोकर, डीलर और निवेश सलाहकारों को किए जाने वाले भुगतान पर लगेगा और इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।

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