70 रुपए किलो पहुंची प्याज,सरकार के बफर स्टॉक के बाद भी राहत नहीं
70 रुपए किलो पहुंची प्याज,सरकार के बफर स्टॉक के बाद भी राहत नहीं

18 Sep 2026 |   21



 

नई दिल्ली।पिछले कुछ समय से लोगों को मंहगाई का दौर देखने को मिल रहा है।चीनी की कीमतों के बाद प्याज की कीमतों में भी उछाल आया था,जिसको कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर सिस्टम भी शुरू किया,लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि अब तक भी प्याज की कीमतों से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है।इस महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार लोगों को अपने बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रही है,इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में लोगों को बाजार में प्याज 60-70 रुपये किलो तक खरीदना पड़ रहा है।

सरकार बेच रही 35 रुपये किलो प्याज

केंद्र सरकार के पास बफर स्टॉक में रखा प्याज मौजूद है, लेकिन बड़ी चुनौती ये है कि इसे प्रोडक्शन इलाकों से देश के अलग-अलग शहरों और बाजारों तक कैसे पहुंचाया जाए। केंद्र सरकार ने 24 अगस्त से बफर स्टॉक से प्याज निकालकर बेचना शुरू किया था,इसके लिए NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है।प्याज को उत्पादक राज्यों से कांदा एक्सप्रेस के जरिए बड़े खपत वाले शहरों तक पहुंचाया जा रहा है।

क्यों महंगा हो रहा प्याज

प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण रबी और खरीफ की फसल के बीच का समय है।आमतौर पर इस दौरान पुराने रबी प्याज का स्टॉक धीरे-धीरे खत्म होने लगता है और नई खरीफ फसल बाजार में पूरी तरह नहीं पहुंची होती।इससे कुछ समय के लिए प्याज की सप्लाई कम हो जाती है और दाम बढ़ जाते हैं।

क्या देश में है प्याज की कमी

इसे लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि देश में कुल मिलाकर प्याज की कमी नहीं है। साल 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है,जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के लगभग बराबर है। केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए 2 लाख टन रबी प्याज बफर स्टॉक के लिए खरीदने का लक्ष्य रखा था,इसमें से करीब 1.21 लाख टन प्याज खरीदा जा चुका है।किसानों को बफर के लिए प्याज बेचने के लिए बेहतर कीमत देने के उद्देश्य से खरीद मूल्य भी 18.75 रुपये से बढ़ाकर 21.25 रुपये प्रति किलो किया गया है।

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