काशी के घाटों पर अब चलना होगा और भी आसान,पर्यटन विभाग ने शुरू किया रैंप निर्माण
काशी के घाटों पर अब चलना होगा और भी आसान,पर्यटन विभाग ने शुरू किया रैंप निर्माण

20 Jun 2026 |   19



 

वाराणसी।देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में गंगा घाटों का स्ट्रक्चर भी बेहद पुराना है।बच्चों और बुजुर्गों का घाट पर चलना थोड़ा मुश्किल होता है,इसे ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने बाबा विश्वनाथ धाम से रविदास घाट तक रैंप बनाने का काम शुरू किया है।लगभग 41 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर बिना किसी परेशानी के पर्यटकों को घाटों की सैर कराएगा।

संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि बनारस आने वाले पर्यटकों के सामने यह बड़ा चैलेंज होता है।सड़क के जरिए तो वह विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचाते हैं,लेकिन अगर गंगा घाट पर घूमते हुए वह विश्वनाथ धाम तक जाना चाहें तो दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि सीढ़ियों का स्ट्रक्चर ऊपर-नीचे होना और काफी पुरानी और खड़ी सीढ़िया होने के कारण पर्यटकों को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।ऐसे में पर्यटन विभाग ने यूपी सरकार के निर्देश पर रविदास घाट से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है।

दिनेश कुमार ने बताया कि रविदास घाट से लेकर विश्वनाथ धाम तक लगभग दो दर्जन से ज्यादा घाटों पर इस तरह के प्रोजेक्ट को पूरा करने का काम किया जाएगा,जो एक दूसरे से कनेक्ट होंगे।घाटों के रूट पर एकरूपता दिखाई दे और लोगों को चलने में परेशानी नहीं होगी।उन्होंने बताया कि एक रैंप भी तैयार हो रहा है।यह रैंप घाटों के रास्ते से होते हुए सीधे विश्वनाथ धाम तक जाएगा, ताकि इस रूट पर व्हीलचेयर भी चल सके और लोग पैदल भी चलते हुए विश्वनाथ मंदिर तक जा सकें।इसके अलावा घाटों पर चेंजिंग रूम,बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए 41.5 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है,इसमें लगभग 12.50 करोड़ रुपए की पहली धनराशि जारी हुई है और काम शुरू हो चुका है।

दिनेश कुमार ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अभी शुरू हुआ है, लेकिन वाराणसी में 3 महीने लगभग मानसून शुरू होने के बाद गंगा के पानी में बढ़ोतरी के कारण घाटों पर होने वाला सब काम रोक दिया जाता है।अभी काम जारी है,लेकिन हम मानकर चल रहे हैं कि इस महीने गंगा में होने वाली बढ़ोतरी की वजह से काम प्रभावित होगा।काम पूरा होने की डेडलाइन भी 2027 मार्च तक रखी गई है, लेकिन यदि समस्याएं होंगी तो डेट आगे बढ़ सकती है।मानकर यही चल रहे हैं कि 2027 अंत तक इस काम को पूरा कर लिया जाएगा और यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाओं का लाभ गंगा घाट पर ही मिलेगा. पर्यटक घाटों की खूबसूरती निहारते हुए बिना परेशानी उठाए विश्वनाथ धाम तक जा सकेंगे।

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