दिल्लीवासियों को स्वच्छ पानी देने के लिए 9 हजार करोड़ का बजट, जीपीएस और इंटेलीजेंट मीटर समेत ये है प्लान
दिल्लीवासियों को स्वच्छ पानी देने के लिए 9 हजार करोड़ का बजट, जीपीएस और इंटेलीजेंट मीटर समेत ये है प्लान

25 Mar 2025 |  50





नई दिल्ली।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में 1 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया।इसमें दिल्लीवासियों को स्वच्छ पानी देने के लिए 9 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।वित्त विभाग सीएम रेखा गुप्ता के ही पास है। ये बजट पिछले वित्त वर्ष के बजट से 31.5 प्रतिशत ज्यादा है।

जानें सीएम रेखा ने पानी को लेकर बजट में क्या की घोषणा

दिल्ली वासियों को स्वच्छ पानी देने के लिए 9 हजार करोड़ का बजट रखा गया।

दिल्ली में टैंकर घोटाले को खत्म करने के लिए जीपीएस लगाया जाएगा।

एक कमांड सेंटर में उसको मॉनिटर किया जाएगा।

दिल्ली में पानी चोरी को रोकने के लिए इंटेलीजेंट मीटर लगाए जाएंगे।

5 सौ करोड़ एसटीपी के विकास और रख रखाव के लिए बजट है।

हरियाणा से मुनक नहर से आने वाले पानी को अब पाइप लाइन से लाया जाएगा।

इससे पानी चोरी नहीं होगा। इसके लिए 200 करोड़ का बजट है।

यमुना की सफाई पर भी घोषणा

बजट में यमुना की सफाई को भी प्राथमिकता दी गई है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई हमारी पहली प्राथमिकता है।इसके लिए 5 सौ करोड़ की लागत से सीवर सिस्टम लगाएंगे।यमुना की सफाई के लिए केंद्र सरकार से 2 हजार करोड़ की मांग करेंगे।

सीएम रेखा ने बताईं बजट की खासियतें

सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए कहा कि पिछली सरकार 2023- 24 का बजट 78,800 करोड़ था। 24-25 का बजट घटकर 76,000 करोड़ कर दिया।इस बार एक लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट है जो पिछले साल की तुलना में 31% ज्यादा है।सीएम रेखा ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर लगभग दोगुनी कर दी गई है।पिछले बजट में ये 15 हजार करोड़ था,जिसे बढ़ाकर 28 हजार करोड़ कर दिया गया है।सीएम रेखा ने कहा कि आयुष्मान योजना में पिछले सीएम अपना नाम जोड़ना चाहते थे,इसलिए लागू नहीं होने दिया था।आयुष्मान योजना दिल्ली में जल्द लागू हो जाएगी। केंद्र के जन आरोग्य योजना में 5 लाख और जोड़कर दिल्ली सरकार देगी। यानी 10 लाख करोड़ का कवर देंगे।इस योजना के लिए 2144 करोड़ का आवंटन किया गया। महिला समृद्धि योजना के लिए 5100 करोड़ और 210 करोड़ मातृत्व वंदन योजना के लिए आवंटित हैं।पानी,बिजली और सड़क का विकास किया जाएगा। विज्ञापन सरकारों ने योजना से ज्यादा खर्च प्रचार पर किया था।

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