सीजेआई का निर्देश,हाईकोर्ट की कार्रवाई,न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को कोर्ट की सुनवाई से किया गया अलग
सीजेआई का निर्देश,हाईकोर्ट की कार्रवाई,न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को कोर्ट की सुनवाई से किया गया अलग

24 Mar 2025 |  46





नई दिल्ली।दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के घर से कथित तौर पर कैश मिलने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है।होईकोर्ट ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस ले लिया है।दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी करते हुए सूचित किया है कि जस्टिस यशवंत वर्मा से तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस ले लिया गया है।

यह जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से आज सोमवार को जारी एक सप्लीमेंट्री केस लिस्ट में दी गई।नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर,जस्टिस यशवंत वर्मा से न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है, जब तक कि अगले आदेश न दिए जाएं। हालांकि इस नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह निर्णय क्यों लिया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ-III के कोर्ट मास्टर आज से पहले सूचीबद्ध मामलों में तारीख देंगे। रजिस्ट्रार के नाम से न्यायालय की वेबसाइट पर जारी नोट में इसका जिक्र है।नकदी मिलने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक वापस ले लिया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने बीती 22 मार्च को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की जांच रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी,जिसमें तस्वीरें और वीडियो भी शामिल थे।खबरों के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सीजेआई के निर्देश पर यह कार्रवाई की है।वहीं न्यायमूर्ति उपाध्याय द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई रिपोर्ट में आधिकारिक संचार के संबंध में सामग्री शामिल है,जिसमें कहा गया है कि न्यायाधीश के लुटियंस दिल्ली आवास से नोटों की चार से पांच अधजली बोरियां बरामद हुईं।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने मुद्रा बरामदगी विवाद में आरोपों की कड़ी निंदा की है। वर्मा ने कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा उनके आवास के स्टोररूम में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई।दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को दिए गए अपने जवाब में न्यायमूर्ति वर्मा ने कहा है कि उनके आवास से नकदी बरामद होने का आरोप स्पष्ट रूप से उन्हें फंसाने और बदनाम करने की साजिश जैसा लगता है।

More news