त्योहारी मांग की तैयारी में ऑटो कंपनियां, जुलाई में यात्री वाहनों का उत्पादन 26% बढ़ा
त्योहारी मांग की तैयारी में ऑटो कंपनियां, जुलाई में यात्री वाहनों का उत्पादन 26% बढ़ा

22 Aug 2026 |   33



 

 नई दिल्ली।देश की यात्री वाहन विनिर्माता कंपनियां उत्पादन बढ़ा रही हैं,डीलरों के पास स्टॉक जमा कर रही हैं,आपूर्ति की रुकावटें दूर कर रही हैं और नए मॉडल उतारने की तैयारी कर रही हैं।इसका कारण यह है कि त्योहारी सीजन से पहले बुकिंग बढ़ रही है,लेकिन कार कंपनियों को आशंका है कि वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसकी वजह यह है कि पिछले साल जीएसटी लागू होने के बाद बिक्री में जो तेजी आई थी,उसके साथ उसकी तुलना की जाएगी।साथ ही कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और ज्यादा स्टॉक से भी अतिरिक्त जोखिम है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अनुसार 74.3 प्रतिशत डीलरों को अगस्त में वृद्धि की उम्मीद है जबकि जुलाई से पहले उम्मीद का यह आंकड़ा 51.24 प्रतिशत था।त्योहारों के लिए तैयारी अभी से शुरू हो गई है और यात्री वाहनों के 53.57 प्रतिशत डीलरों ने बुकिंग में बढ़ोतरी की जानकारी दी है।

आपूर्ति के आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माता मांग पूरी करने की तैयारी कर रहे हैं।सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के अनुसार जुलाई में यात्री वाहनों का उत्पादन सालाना आधार पर 26.4 प्रतिशत बढ़कर 5,05,520 हो गया,जबकि देश में थोक आपूर्ति 34.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 4,57,810 वाहनों तक पहुंच गई। पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन के बाद यह उद्योग त्योहारी सीजन की तैयारी में जुट गया है।

सायम के अनुसार अप्रैल-जून में यात्री वाहन उत्पादन सालाना आधार पर 16.8 प्रतिशत बढ़कर 14.5 लाख हो गया। दूसरी ओर देश में थोक आपूर्ति 25.9 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 12.7 लाख वाहनों केस्तर तक पहुंच गई। निर्यात 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2,22,392 वाहन हो गया।

खुदरा मांग भी मजबूत बनी रही। फाडा के आंकड़ों से पता चला कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान यात्री वाहनों का पंजीकरण सालाना आधार पर 22.64 प्रतिशत बढ़कर 12.6 लाख हो गया। यह रफ्तार जुलाई में भी जारी रही, जब उत्पादन 26.4 प्रतिशत बढ़ा और देश में थोक आपूर्ति में 34.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि खुदरा पंजीकरण में 19.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

खुदरा बिक्री की तुलना में थोक आपूर्ति में तेजी से हुई बढ़ोतरी से पता चलता है कि इस बढ़त का कुछ हिस्सा त्योहारों के लिए स्टॉक जमा करने की वजह से था। फाडा के सुझाए गए 21 दिनों के मुकाबले उद्योग में बिक्री के लिए मौजूद स्टॉक बढ़कर 33 से 35 दिन तक पहुंच गया। यात्री वाहनों के आधे डीलरों ने अधिक स्टॉक होने की जानकारी दी। लगभग एक-चौथाई डीलरों के पास 25 प्रतिशत से ज्यादा पुराना स्टॉक था।

फाडा ने आगाह किया है कि अगस्त और सितंबर में वृद्धि को कम आधार का फायदा होगा, क्योंकि खरीदारों ने जीएसटी 2.0 से पहले पिछले साल खरीद टाल दी थी। पिछले साल जीएसटी की वजह से आई तेजी के मुकाबले इस साल अक्टूबर के आंकड़ों की तुलना करना मुश्किल होगा, क्योंकि इस बार धनतेरस और दीवाली नवंबर में पड़ रही है। इस वजह से थोक बिक्री में बढ़ोतरी के बजाय खुदरा बिक्री ही असली कसौटी होगी।

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