नई दिल्ली।आजादी के 80 साल बीत जाने के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच कड़वाहट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।इस कड़वाहट के बीच एक ऐसी बात सामने आई है जो पाकिस्तान के दोहरे चरित्र और उसकी मजबूरी को बेनकाब करती है।हाल ही में अमेरिका के मशहूर प्यू रिसर्च सेंटर की एक ताजा रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानियों की नजर में उनका सबसे बड़ा दुश्मन भारत ही है,लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस दुश्मनी की लिस्ट में दूसरे और तीसरे पायदान पर अमेरिका और इजरायल हैं।
अमेरिका के आगे आजकल पाकिस्तान खड़ा रहता है कटोरा लेकर
ये वही अमेरिका है,जिसके आगे पाकिस्तान आजकल कटोरा लेकर खड़ा रहता है।पाकिस्तान सेना के जनरल आसिम मुनीर बार-बार अमेरिका का चक्कर काट रहे हैं,अमेरिकी अधिकारियों के सामने कटोरा लेकर भीख देने की मिन्नतें कर रहे हैं,लेकिन जमीन पर सच यह है कि पाकिस्तान की जनता अमेरिका को अपना बहुत बड़ा खतरा और दुश्मन मानती है। अपने निजी हितों और पैसे के लिए अमेरिका का पिछलग्गू बनना और अंदर ही अंदर उसी से नफरत करना पाकिस्तान का यही दोहरा चरित्र इस सर्वे में पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।
जानें कौन किसको मानता है सबसे बड़ा दुश्मन
प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में जब भारत और पाकिस्तान के लोगों से उनके सबसे बड़े कूटनीतिक और सुरक्षा खतरों के बारे में पूछा गया,तो आंकड़े बेहद दिलचस्प निकले।भारत के 54 फीसदी लोग पाकिस्तान को देश का सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानते हैं,इसके अलावा 21 फीसदी भारतीयों की नजर में चीन भारत का सबसे बड़ा खतरा है।पाकिस्तान में 43 फीसदी लोग भारत को अपना नंबर-1 दुश्मन मानते हैं,लेकिन इसके ठीक बाद 24 फीसदी पाकिस्तानी अमेरिका को और 24 फीसदी इजरायल को अपना सबसे बड़ा खतरा मानते हैं।पाकिस्तान भले ही अमेरिका के साथ रक्षा और आर्थिक सौदों कर रहा हो, लेकिन पाकिस्तान की आवाम के दिल में अमेरिका के प्रति भयंकर नफरत भरी है।
भारत और पाकिस्तान किस पर करते हैं भरोसा
वैश्विक महाशक्तियों पर भरोसे के मामले में भारत और पाकिस्तान के रास्ते बिल्कुल अलग हैं।सर्वे के मुताबिक 36 फीसदी भारतीय रूस को अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानते हैं,इसके बाद 16 फीसदी भारतीय अमेरिका को अपना मुख्य साझेदार मानते हैं।भारत में 58 फीसदी लोग रूस को और 51 फीसदी लोग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बहुत पसंद करते हैं।वहीं पाकिस्तान की 75 फीसदी लोग चीन को अपना सबसे बड़ा और सच्चा दोस्त मानते हैं। 90 फीसदी पाकिस्तानी चीन के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं और 83 फीसदी को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर पूरा भरोसा है। चीन के बाद पाकिस्तानियों को सऊदी अरब (12 फीसदी) पर थोड़ा भरोसा है।