चावल एक्सपोर्ट पर फिर चीन ने की बदमाशी,भारतीय चावल निर्यातकों का लाइसेंस किया सस्पेंड,कार्रवाई पर क्या है भारत का जवाब
चावल एक्सपोर्ट पर फिर चीन ने की बदमाशी,भारतीय चावल निर्यातकों का लाइसेंस किया सस्पेंड,कार्रवाई पर क्या है भारत का जवाब

12 Aug 2026 |   41



 

नई दिल्ली।भारत और चीन के बीच व्यापारिक बाधाए लगातार बढ़ रही हैं।चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है।समय-समय पर अपनी हरकतों से चीन भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता रहा है।अब एक बार फिर चावल को लेकर चीन ने बदमाशी की है।चीन ने भारतीय चावल निर्यातकों के रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया है।अब चीन में भारतीय चावल के व्यापार पर प्रतिबंध लग गया है।

चीन ने कथित तौर पर भारतीय चावल में जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म पाए जाने की बात कहते हुए अब तक 7 भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स का रजिस्ट्रेशन रद कर दिया है। इसमें से 3 निर्यातकों का रजिस्ट्रेशन साल की शुरुआत में ही रद किया था,जिसके बाद चावल निर्यातक अब चीन को चावल नहीं बेच सकेंगे।हालांकि चीन की ओर से की गई ये कार्रवाई का कोई पहला मामला नहीं है।चीन लगातार भारत के चावलों की खेपों को रिजेक्ट करता आया है,जबकि APEDA की ओर से चीन को भेजे जाने वाले चावल को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं।

चीन ने भारत से चावल इंपोर्ट को प्रभावी रूप से रोकते हुए सात भारतीय चावल निर्यातकों के पंजीकरण रद कर दिए हैं। यह कार्रवाई चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स द्वारा की गई है।इनमें से तीन निर्यातकों के लाइसेंस पहले ही इसी साल निलंबित किए जा चुके थे।प्रभावित कंपनियां छत्तीसगढ़,कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में हैं।हालांकि इस मुद्दे को लेकर भारत की ओर से चीन के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं।

मीडिया के सरकारी सूत्रों के मुताबिक चीन की इस कार्रवाई के पीछे तकनीकी कारणों से अधिक व्यापारिक हित हो सकते हैं। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया को बताया कि चीन की इस साल की अपनी जरूरत के चावल का स्टॉक पहले मजबूत कर चुका है,इसलिए उसने भारतीय निर्यातकों के खिलाफ यह कदम उठाया है।

मई 2026 के अंत तक चीन कम से कम 70 भारतीय गैर-बासमती चावल की खेपों को GMO का हवाला देकर खारिज कर चुका था। भारत सरकार ने भी आधिकारिक रूप से बीजिंग को सूचित किया है कि देश में कोई GMO खाद्य फसल उगाई नहीं जाती, इसके बावजूद खेपों को रिजेक्ट और लाइसेंस रद करने की कार्रवाई जारी है।

चीन लगातार भारतीय चावलों पर GMO का हवाला देते हुए चावल की खेपों को रिजेक्ट करता आया है,जिससे चावल निर्यातकों ने APEDA से हस्तक्षेप की मांग उठाई थी। जून में ही APEDA ने चावल के निर्यात को लिए नए नियम बनाए थे,जिसमें चीन को चावल निर्यात करने से पहले निर्यात से पहले APEDA द्वारा मान्यता प्राप्त लैब्स में चावल की GMO  जांच कराना जरूरी हो गया था।इसके साथ ही केवल वही निर्यातक,राइस मिलें या प्रोसेसिंग यूनिट्स चावल भेज सकते हैं,जो चीन के कस्टम विभाग में रजिस्टर्ड हों।

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