चीन के मोबाइल ब्रांडों की भारत पर बढ़ी निर्भरता,ग्लोबल बिक्री में देश की बड़ी हिस्सेदारी
चीन के मोबाइल ब्रांडों की भारत पर बढ़ी निर्भरता,ग्लोबल बिक्री में देश की बड़ी हिस्सेदारी

22 Aug 2026 |   33



 

 नई दिल्ली।भारत और चीन में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद चीन के प्रमुख मोबाइल ब्रांड भारतीय बाजार पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं,क्योंकि चीन के बाहर यह उनका सबसे बड़ा बाजार है।ओएमडीआईए के मुताबिक 2025 में वीवो के वैश्विक निर्यात में भारत का हिस्सा 34 प्रतिशत था।वीवो भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन है। 2026 की दूसरी तिमाही में वीवो कुल बाजार का 18 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।अब यह कंपनी भारत में डिक्सन टेक्नॉलजीज के साथ संयुक्त उपक्रम के जरिये भारत में अपने स्मार्टफोन उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

वीवो जैसी ही कहानी दूसरे चीनी ब्रांडों की भी है। वर्ष 2025 में ओप्पो के वैश्विक निर्यात में भारत का हिस्सा 23 प्रतिशत था,रियलमी के लिए यह 35 प्रतिशत था और वन प्लस के लिए 32 प्रतिशत तक पहुंच गया था।वीवो,ओपो,रियलमी और वन प्लस इन चारों ब्रांड की मालिक चीन की दिग्गज कंपनी बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स है।

मोटोरोला के लिए भी भारत का उसके वैश्विक निर्यात में 20 प्रतिशत हिस्सा है और कंपनी भारत में असेंबल किए गए फोन अमेरिका को सीधे तौर पर निर्यात कर रही है। मोटोरोला एक ऐसा ब्रांड है,जिसका नियंत्रण अब चीन की बड़ी कंपनी लेनोवो के पास है।

सिर्फ चीनी ब्रांड ही अपने व्यवसाय की सफलता के लिए भारत पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं हैं।लंदन मुख्यालय वाली स्मार्टफोन निर्माता कंपनी नथिंग,जिसे कार्ल पेई ने शुरू किया था और जो पहले वन प्लस के सह-संस्थापक थे,वैश्विक निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत हो गई है।

भारत पर निर्भरता की वजह स्पष्ट है। ओएमडीआईए के विश्लेषक संयम चौरसिया कहते हैं कि श्याओमी को छोड़कर ज्यादातर चीनी ब्रांड वैश्विक कंपनियां नहीं हैं।श्याओमी, सैमसंग और ऐपल ही वैश्विक स्मार्टफोन कंपनियां हैं। बाकी सभी चीनी ब्रांड काफी हद तक भारत पर निर्भर हैं। चीन के बाद यह उनका दूसरा सबसे अहम बाजार है।

श्याओमी के लिए भारत का हिस्सा उसकी कुल वैश्विक शिपमेंट का सिर्फ 12 प्रतिशत है। कंपनी ने यूरोप में ऐपल और सैमसंग के बाद तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के तौर पर अपनी मजबूत जगह बनाई है। ट्रांससियन एकमात्र ऐसी दूसरी चीनी कंपनी है, जिसकी ग्लोबल शिपमेंट में भारत का योगदान केवल 6 प्रतिशत है।

दिग्गज कंपनी सैमसंग की बात करें तो भारत का हिस्सा उसकी वैश्विक शिपमेंट में सिर्फ 10 प्रतिशत है जबकि वह भारत में संख्या बिक्री के लिहाज से दूसरा सबेस बड़ा ब्रांड है।

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