पाकिस्तान ने फिर फैलाए हाथ,10 अरब डॉलर की मांगी मदद,डिफॉल्ट,क्रेडिट रेटिंग और फाइनेंशियल इमेज पर ये बोले वित्त मंत्री
पाकिस्तान ने फिर फैलाए हाथ,10 अरब डॉलर की मांगी मदद,डिफॉल्ट,क्रेडिट रेटिंग और फाइनेंशियल इमेज पर ये बोले वित्त मंत्री

21 Aug 2026 |   10



 

नई दिल्ली।पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था और आर्थिक संकट से खबरों में बना रहता है।विदेशी देशों से लोन और आर्थिक मदद मांगने में पाकिस्तान जरा भी नहीं हिचकिचाता है।अब पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने एक बार फिर अमेरिका से मदद मांगी है। औरंगजेब ने कहा कि देश की विदेशी मुद्रा स्थिति मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए अमेरिका से 10 अरब डॉलर की सुविधा का अनुरोध किया गया है।बिजनेस रिकॉर्डर अखबार में छपे एक इंटरव्यू में औरंगजेब ने जानकारी दी कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय से यह अनुरोध किया गया है और बातचीत जारी है,लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है।

ये लोन के रूप में नहीं मांगा जा रहा

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंजेब ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक लोन या अन्य लोन सुविधा हासिल करना नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा की स्थिरता को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों को सकारात्मक संकेत देना है। औरंगजेब ने कहा,यह ऋण सुविधा या कर्ज के बारे में नहीं है। यह हमारी मुद्रा स्थिरता और विदेशी मुद्रा स्थिरता के बारे में संकेत है और इससे हमें बाजार में जाने में भी मदद मिलेगी।

इमेज सुधारने की कोशिश कर रहा पाक

बता दें कि पाकिस्तान पिछले कई सालों से बाहरी भुगतान के दबाव का सामना कर रहा है।पाकिस्तान 2023 में डिफॉल्ट के करीब भी पहुंच गया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और द्विपक्षीय साझेदारों से समय पर मिली मदद से पाकिस्तान इससे बच गया।पाकिस्तान फिलहाल 2024 में मंजूर हुए IMF के 7 अरब डॉलर की मदद कार्यक्रम को लागू कर रहा है। वहीं शहबाज शरीफ सरकार अपनी इमेज को सुधारने और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में नियमित पहुंच फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है।

फाइनेंसिंग मॉडल सुधारने की कोशिश

अमेरिका से प्रस्तावित 10 अरब डॉलर की एक्सचेंज स्टैबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान अपनी बाहरी फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए मित्र देशों से कर्ज,जमा और बार-बार कर्ज की अवधि बढ़ाने पर आधारित वित्तीय मॉडल से दूर जाने की कोशिश कर रहा है।

औरंगजेब ने कहा

वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान का पूरा प्रयास शार्ट टर्म में द्विपक्षीय कर्ज की अवधि बढ़ाने पर निर्भर रहने के बजाय लंबी रिपेमेंट अवधि वाले बाजार आधारित फाइनेंसिंग की ओर बढ़ना है। औरंगजेब ने कहा कुछ मामलों में सफलता मिलेगी,जबकि कुछ के साथ समस्याएं हो सकती हैं।पाकिस्तान पिछले एक दशक में विशेषकर पिछले तीन सालों के दौरान अपने द्विपक्षीय साझेदारों से मिली मदद के लिए उनका आभारी है,लेकिन अब उसकी फाइनेंसिंग स्ट्रेटिजी में बदलाव किया जा रहा है।औरंगजेब ने कहा कि सरकार पाकिस्तान की संप्रभु रेटिंग सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ काम कर रही है। उनके अनुसार यह रेटिंग 2003-04 से स्थिर बनी हुई है।

औरंगजेब ने कहा

मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि हम कम से कम बी+ रेटिंग की ओर बढ़ना चाहते हैं।संप्रभु रेटिंग से पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कर्ज लेना आसान और संभावित रूप से सस्ता होगा।साथ ही वह लंबी अवधि के लिए कर्ज जुटा सकेगा। बता दें कि पाकिस्तान अपनी मौजूदा कुछ वित्तीय व्यवस्थाओं से अंततः बाहर निकलने के तरीकों पर भी बातचीत कर रहा है और उसे सितंबर के अंत तक एक्सिम बैंक या अमेरिकी वित्त मंत्रालय से प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।पाकिस्तान की वित्तीय कमजोरी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। पाकिस्तान बाहरी वित्तपोषण की कमी को पूरा करने और डिफॉल्ट से बचने के लिए बार-बार आईएमएफ और मित्र देशों की मदद लेता रहा है।

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