आशुतोष यादव
मैनपुरी।उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में करहल कस्बे में न्यू आशा हॉस्पिटल में सिजेरियन प्रसव के बाद 32 वर्षीय महिला की आगरा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को दौड़ लगाई।न्यू आशा हॉस्पिटल को सीज कर दिया।दिव्यांशी हॉस्पिटल और राधा हॉस्पिटल को भी सीज कर दिया गया।तीनों के पास पंजीकरण मान्य नहीं पाया गया।बिना पंजीकरण रिन्यूअल इनको संचालित किया जा रहा था।डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह न्यू आशा हॉस्पिटल,राधा हॉस्पिटल और दिव्यांशी हॉस्पिटल को सीज किया गया है।
बता दें कि कुर्रा थाना क्षेत्र के भटोहा गांव के रविकांत उर्फ रवि की पत्नी नंदिनी को प्रसव पीड़ा होने पर 29 जुलाई को करहल में न्यू आशा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।शाम को सिजेरियन प्रसव के बाद नंदिनी ने एक पुत्री को जन्म दिया,लेकिन ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद नंदिनी को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।हालत बिगड़ती देखकर डॉक्टर खुद नंदिनी को परिजन के साथ मेडिकल कॉलेज सैफई ले गए।वहां से गंभीर हालत बताकर नंदिनी को रेफर कर दिया गया।इसी बीच डॉक्टर वहां से फरार हो गया।परिजनों ने नंदिनी को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार सुबह नंदिनी की मृत्यु हो गई।
अगर देखा जाए तो मैनपुरी जू में सैंकड़ों हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित किए जा रहे है,लेकिन स्वास्थ्य विभाग जब किसी हॉस्पिटल में किसी प्रसूता की मौत हो जाती है तभी कार्रवाई करता है।प्रसूता की मौत से पहले स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में सोया रहता है।अगर स्वास्थ्य विभाग समय रहते अवैध हॉस्पिटलों पर कार्रवाई करें तो शायद किसी प्रसूता की मौत को टाला जा सकता है,लेकिन मैनपुरी के स्वास्थ्य विभाग में चांदी के सिक्को का खेल चल रहा है।