मां बेल्हा देवी का भव्य श्रृंगार,दर्शन-पूजन कर भक्तों ने लगाए जयकारे
मां बेल्हा देवी का भव्य श्रृंगार,दर्शन-पूजन कर भक्तों ने लगाए जयकारे

04 Apr 2025 |  28



ब्यूरो देवी शरण मिश्रा


प्रतापगढ़।उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आदिकाल से बेल्हा देवी का एतिहासिक मंदिर स्थित है।कहते हैं कि इस जगह पर माता पार्वती की कमर का एक हिस्सा गिरा था, तभी से ये जगह शक्तिपीठ है और दर्शनीय स्थल है।

प्रतापगढ़।उत्तर प्रदेश के बड़के जिले प्रतापगढ़ में नवरात्र के छठवें दिन मां बेल्हा देवी धाम और अन्य देवी धामों में मां कात्यायनी की पूजा की गई।गुरुवार तड़के से ही बेल्हा मां का दर्शन-पूजन करने लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही।वहीं मंदिर परिसर में अवसान मैया का पूजन कर 151 महिलाओं को प्रसाद वितरित किया गया।

बलीपुर दुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी आलोक मिश्र ने बताया कि मां कात्यायनी देवी दुर्गा का छठा रूप हैं।नवरात्र के छठवें दिन देवी के कात्यायनी स्वरूप की उपासना की जाती है,मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं।भगवान कृष्ण को पाने के लिए व्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा कालिंदी के तट पर की थी,ये ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

पुजारी आलोक मिश्र ने बताया कि ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का संबंध इनसे माना जाता है।इस अवतार की पूजा करने से भक्त के व्यक्तित्व में निखार आता है,इनकी आराधना से गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है।

आलोक मिश्र ने बताया कि मां कात्यायनी की भक्ति और उपासना से मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ,धर्म,काम,मोक्ष चारों फल की प्राप्ति हो जाती है,उसके रोग, शोक, संताप और भय आदि सर्वथा नष्ट हो जाते हैं।देवी धाम सहित घरों में पूजन के दौरान भक्तों ने मां कात्यायनी का शहद से भोग अर्पित किया।

बता दें कि शहर के मां बेल्हा देवी धाम,कटरा मेदनीगंज के शीतला धाम,अंतू के संडवा चंडिका,रानीगंज के मां बाराही, कोहंड़ौर के चंदीपुर देवी धाम, बलीपुर के दुर्गा मंदिर में भक्तों ने पूजन के बाद प्रसाद वितरित किया।

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